Vedanta Big Plan: वेदांता का डीपवॉटर माइनिंग पर बड़ा दांव! ₹3,000 करोड़ से तैयार हो रहा ये मास्टरप्लान

Vedanta Oil & Gas Target: वेदांता ऑयल एंड गैस ने देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। कंपनी ने FY28 तक तेल उत्पादन बढ़ाकर 1,50,000 बैरल प्रति दिन करने का लक्ष्य रखा है। केजी बेसिन में गहरे समुद्र की खोज, वेस्ट कोस्ट के 'अंबे' प्रोजेक्ट और ₹3,000 करोड़ से अधिक के नए कैपेक्स निवेश के दम पर कंपनी भारत की 50% तेल आवश्यकता पूरी करना चाहती है। जानें सीईओ जिम गैस्ट ने क्य -क्या बताया

अपडेटेड Oct 30, 2026 पर 10:20 AM
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कंपनी अपने उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है

Vedanta Oil & Gas Growth Strategy: वेदांता ग्रुप की ऑयल एंड गैस इकाई 'वेदांता ऑयल एंड गैस' भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े विस्तार की योजना बनाई है। मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कंपनी के सीईओ जिम जॉनी गैस्ट ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य पास के भविष्य में 1,000,00 bpd और FY28 तक 1,50,000 बैरल प्रति दिन (bpd) उत्पादन हासिल करने का है।

कंपनी का दीर्घकालिक लक्ष्य रोजाना 3,00,000 बैरल उत्पादन तक पहुंचने का है, जो कि कृष्णा-गोदावरी (KG) बेसिन में होने वाली डीपवॉटर खोजों पर निर्भर करेगा।

नए प्रोजेक्ट्स और निवेश प्लान


कंपनी अपने उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स और निवेश पर काम कर रही है। वेस्ट कोस्ट पर खोजे गए छोटे तेल क्षेत्र 'अंबे' के विकास पर तेजी से काम चल रहा है। इस क्षेत्र से अगले वित्त वर्ष में 10,000 बैरल प्रति दिन से अधिक तेल उत्पादन की उम्मीद है।

वहीं ईस्ट कोस्ट पर केजी (KG) बेसिन में डीपवॉटर एक्सप्लोरेशन पर मुख्य ध्यान रहेगा। इसके अलावा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में भी नए अवसरों की तलाश जारी है।

वेदांता ऑयल एंड गैस FY27 में करीब ₹2,500-3,300 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर और एक्सप्लोरेशन के लिए लगभग $100 मिलियन निवेश करने की योजना बना रही है।

सीईओ जिम गैस्ट ने कहा, 'भारत में 29 सेडीमेंट्री बेसिन हैं, जिनमें से बहुत कम हिस्से की खोज हुई है। हमारा लक्ष्य भारत की कम से कम 50% घरेलू तेल उत्पादन आवश्यकता को सपोर्ट करना है।' उन्होंने सरकार की 'समुद्र मंथन' मिशन जैसे इंसेंटिव्स की भी तारीफ की।

Q2 FY27 वित्तीय नतीजे और पश्चिम एशिया तनाव का असर

गुरुवार को कंपनी ने अपने सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए। Q2 FY27 में कंपनी का राजस्व साल-दर-साल (YoY) 7% बढ़कर ₹2,486 करोड़ रहा, जबकि EBITDA 34% उछलकर ₹1,393 करोड़ हो गया। यानी कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। सितंबर तिमाही में औसतन दैनिक ग्रॉस उत्पादन 72,200 बैरल ऑफ ऑयल इक्विवेलेंट पर डे रहा, जो Q1 FY27 में 77,100 boepd था।

कंपनी के सीएफओ अर्पित मुंद्रा ने बताया कि पश्चिम एशिया युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से कंपनी के मार्जिन को फायदा मिल रहा है। चूंकि वेदांता द्वारा उत्पादित पूरा क्रूड भारत की घरेलू रिफाइनरियों में इस्तेमाल होता है, इसलिए सप्लाई चेन पर इस युद्ध का कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।

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