Vedanta Share Price: दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता ने गुरुवार को बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कंपनी के कुछ दफ्तरों में की गई तलाशी की कार्रवाई पूरी कर ली है। कंपनी का कहना है कि इस जांच के बाद उसके खिलाफ कोई जुर्माना, रोक या दूसरी कार्रवाई नहीं की गई है।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह कार्रवाई FEMA (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के तहत चल रही जांच का हिस्सा थी। तलाशी 1 जून को शुरू हुई थी और 3 जून की रात को खत्म हुई।
वेदांता के मुताबिक, जांच के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने ED को मांगी गई सभी जानकारी, दस्तावेज और जरूरी जवाब उपलब्ध कराए।
कंपनी ने कहा कि उसके खिलाफ किसी तरह का जुर्माना या प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। साथ ही इस पूरी कार्रवाई का कंपनी के कारोबार, कमाई या रोजमर्रा के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा है।
जांच किस मामले में हो रही है?
ED ने मुंबई और दिल्ली स्थित वेदांता के दफ्तरों में तलाशी ली थी। यह जांच वेदांता लिमिटेड की ओर से उसकी मूल कंपनी Vedanta Resources को किए गए रॉयल्टी भुगतान से जुड़ी बताई गई थी। कंपनी ने कहा था कि वह जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध करा रही है।
इसके बाद 2 जून को कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को भी बताया था कि ED अधिकारियों ने वेदांता और उसकी सहयोगी कंपनी हिंदुस्तान जिंक के कुछ दफ्तरों का दौरा किया है और कंपनी जांच में पूरा सहयोग कर रही है।
डिमर्जर की वजह से भी चर्चा में है कंपनी
वेदांता का शेयर इन दिनों समूह के डिमर्जर प्लान की वजह से भी निवेशकों की नजर में बना हुआ है। पिछले महीने समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा था कि डिमर्जर के बाद बनने वाली चारों कंपनियों की अलग-अलग लिस्टिंग जून के आखिर तक हो सकती है।
वेदांता अपने एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, पावर और आयरन एंड स्टील कारोबार को अलग-अलग कंपनियों में बांटने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। इसी वजह से शेयर में भी हाल के महीनों में अच्छी तेजी देखने को मिली है।
वेदांता का शेयर 0.21% की गिरावट के साथ 327.50 रुपये पर बंद हुआ। डिमर्जर से जुड़ी उम्मीदों के बीच मई महीने में वेदांता का शेयर करीब 29% चढ़ा था। यह कम से कम पिछले दो साल में स्टॉक का सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन रहा। इसी वजह से कंपनी लगातार निवेशकों और बाजार की नजर में बनी हुई है।
Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।