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Vedanta Demerger: वेदांता के फैसले से खुश निवेशक, ताबड़तोड़ खरीदारी से शेयर पहुंचे एक साल के हाई पर

Vedanta Demerger: अनिल अग्रवाल की वेदांता ने डीमर्जर के लिए रिकॉर्ड डेट फिक्स किया तो निवेशक लहालोट हो उठे और ताबड़तोड़ खरीदारी से शेयर एक साल के नए हाई पर पहुंच गए। जानिए वेदांता से अलग होकर जो कंपनियां बनेंगी, वह कब तक लिस्ट होंगी और वेदांता के निवेशकों को क्या मिलेगा

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Apr 21, 2026 पर 3:55 PM
Vedanta Demerger: वेदांता के फैसले से खुश निवेशक, ताबड़तोड़ खरीदारी से शेयर पहुंचे एक साल के हाई पर
Vedanta पांच हिस्सों में टूट रही है जिसका रिकॉर्ड डेट 1 मई फिक्स किया गया है।

Vedanta Demerger: माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता के डीमर्जर की रिकॉर्ड डेट फिक्स हो गई है। इसे 1 मई पर फिक्स किया गया है। कंपनी ने इसकी जानकारी एक कारोबारी दिन पहले शाम को एक्सचेंज फाइलिंग में दी। अब इसका पॉजिटिव असर आज वेदांता के शेयरों पर दिखा जोकि शुरुआती कारोबार में ही 3% से अधिक ऊपर चढ़ गया। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी के चलते अब भी यह भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। आज बीएसई पर यह 0.47% की गिरावट के साथ ₹767.05 (Vedanta Share Price) पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 3.15% उछलकर उछलकर एक साल के हाई ₹794.90 तक पहुंच गया था।

Vedanta Demerger: पांच हिस्सों में टूटेगी वेदांता

वेदांता के डीमर्जर के लिए 1 मई 2026 की रिकॉर्ड डेट फिक्स की गई है। इसका मतलब हुआ कि जिनके नाम इस रिकॉर्ड डेट पर वेदांता के शेयरहोल्डर्स की लिस्ट में होगा, उन्हें हर एक शेयर पर वेदांता से अलग होकर बनी कंपनियों के एक-एक शेयर मिलेंगे। वेदांता से अलग होकर चार कंपनियां- वेदांता एलुमिनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal), तलवंडी साबो पावर (Talwandi Sabo Power) यानी वेदांता पावर (Vedanta Power), माल्को एनर्जी (Malco Energy) यानी वेदांता ऑयल एंड गैस (Vedanta Oil & Gas) और वेदांता आयरन एंड स्टील (Vedanta Iron and Steel) लिस्ट होंगी। वेदांता का कहना है कि इन्हें अलग इसलिए किया जा रहा है ताकि कॉरपोरेट स्ट्रक्चर आसान हो सके और फिर से इनकी ब्रांडिंग हो सके।

अब बात करते हैं नई कंपनियों के लिस्टिंग की तो वेदांता ग्रुप की पांच कंपनियां लिस्ट होगी। वेदांता तो पहले से ही लिस्ट है और बाकी नई कंपनियों की लिस्टिंग रिकॉर्ड डेट से चार से आठ हफ्ते के भीतर होगी। यह अप्रूवल पर आधारित होगा। इसका मतलब हुआ कि नई कंपनियों की दो महीने के भीतर लिस्ट होना होगा।

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