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रामदेव अग्रवाल ने कहा-भारत में भी निवेश में बढ़ेगी पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी

रामदेव अग्रवाल ने कहा कि पैसिव इनवेस्टिंग कैपिटल मार्केट्स के सबसे अहम इनोवेशन के रूप में उभरा है। इसमें इनवेस्टर्स को लो कॉस्ट में इनवेस्टमेंट में डायवर्सिफिकेशन का मौका मिलता है। अभी भारत में म्चूचुअल फंड इंडस्ट्री में पैसिव स्ट्रेटेजी की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jun 13, 2026 पर 5:19 PM
रामदेव अग्रवाल ने कहा-भारत में भी निवेश में बढ़ेगी पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि पैसिव इनवेस्टिंग के बारे में निवेशकों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।

मोतीलाल ओसवाल के चेरमैन, को-फाउंडर और दिग्गज इनवेस्टर रामदेव अग्रवाल ने पैसिव इनवेस्टिंग के बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि अगले एक दशक में भारत में कुल इनवेस्टमेंट में पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी काफी बढ़ सकती है। इसकी वजह इनवेस्टमेंट में बढ़ता इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेशन है। दूसरा, हमेशा मार्केट से ज्यादा रिटर्न देना फंड मैनेजर्स के लिए मुश्किल हो रहा है।

अभी पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी 15 फीसदी

उन्होंने कहा कि पैसिव इनवेस्टिंग कैपिटल मार्केट्स के सबसे अहम इनोवेशन के रूप में उभरा है। इसमें इनवेस्टर्स को लो कॉस्ट में इनवेस्टमेंट में डायवर्सिफिकेशन का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि अभी भारत में म्चूचुअल फंड इंडस्ट्री में पैसिव स्ट्रेटेजी की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी है। जैसे-जैसे मार्केट मैच्योर होगा निवेश में पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी बढ़ेगी।

अमेरिका में 50 फीसदी पैसिव इनवेस्टिंग होती है

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