विक्रम सोलर लिमिटेड का 6 महीने का शेयरहोल्डर लॉक-इन पीरियड सोमवार, 23 फरवरी को खत्म हो रहा है। नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के अनुसार, इसके बाद कंपनी के 10.39 करोड़ शेयर या आउटस्टैंडिंग इक्विटी का 29 प्रतिशत ट्रेडिंग के लिए फ्री हो जाएगा। शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस के बेसिस पर लॉक-इन पीरियड खत्म होने के बाद ट्रेडिंग के लिए पात्र होने वाले शेयरों की वैल्यू 2,005 करोड़ रुपये है।
ध्यान रहे कि शेयरहोल्डर लॉक-इन खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि सभी शेयर ओपन मार्केट में बेच ही दिए जाएंगे। वे सिर्फ ट्रेड करने के लिए एलिजिबल हो जाते हैं। विक्रम सोलर अगस्त 2025 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका 2079.37 करोड़ रुपये का IPO 56.42 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
IPO प्राइस से 42 प्रतिशत नीचे है Vikram Solar का शेयर
विक्रम सोलर का शेयर फिलहाल IPO प्राइस 332 रुपये से 42 प्रतिशत नीचे है। BSE पर शेयर शुक्रवार, 20 फरवरी को 192.60 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 6800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। 3 महीनों में यह 37 प्रतिशत गिरा है। वहीं एक सप्ताह में इसने 18 प्रतिशत की गिरावट देखी है। कंपनी में दिसंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 63.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। जनवरी महीने में प्रभुदास लीलाधर ने शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग के साथ 326 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया था।
ज्यूपिटर इंटरनेशनल के साथ 2000 करोड़ का एग्रीमेंट
विक्रम सोलर ने हाई-एफिशिएंसी TOPCon सोलर सेल और हाई-एफिशिएंसी मोनो PERC सोलर सेल खरीदने के लिए ज्यूपिटर इंटरनेशनल के साथ एक स्ट्रेटेजिक डोमेस्टिक सेल प्रोक्योरमेंट एग्रीमेंट किया है। एग्रीमेंट का साइज 2,000 करोड़ रुपये है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में विक्रम सोलर का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1105.77 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 96.44 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी सोलर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल बनाती है।
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