इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी 'विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया (Vishnu Prakash R Punglia)' के प्रमोटरों ने कंपनी की लिक्विडिटी को स्थिर करने और बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने मंगलवार 10 मार्च को बताया कि उसके प्रमोटरों ने करीब 285 करोड़ रुपये ब्याज-मुक्त पूंजी कंपनी में डाली है। इसमें हिस्सेदारी बेचने से मिली रकम भी शामिल है।
शेयर बाजारों भेजी जानकारी में कंपनी ने बताया इस राशि का इस्तेमाल लिक्विडिटी मैनेजमेंट में मदद करने और प्रोजेक्ट के काम में कंटिन्यूटी पक्का करने के लिए किया जा रहा है।
300 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज चुकाया
इन कदमों के बाद कंपनी का कुल फंड-आधारित बैंक एक्सपोजर घटकर 323.06 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि पहले सैंक्शन्ड लिमिट 736.71 करोड़ रुपये थी। वहीं नॉन-फंड-आधारित एक्सपोजर लगभग 515 करोड़ रुपये पर है, जिसमें बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट शामिल हैं।
पिछले महीनों में आई थीं चुनौतियां
कंपनी के अनुसार पिछले नौ महीनों में उसे ऑपरेशनल और फाइनेंशियल मोर्चों चुनौतियों का सामना करना पड़ा। यह मुख्य रूप से पेमेंट साइकल में बदलाव और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लिक्विडिटी की कमी के कारण हुआ। कंपनी का कहना है कि ये समस्याएं साइक्लिकल और बाहरी थीं।
मैनेजमेंट के मुताबिक प्रमोटरों की ओर से पूंजी डालने, कर्ज में कमी और बेहतर फाइनेंशियल डिसिप्लिन के चलते कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत हुई है और नकदी स्थिति भी स्थिर हुई है।
विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया ने बताया कि पिछले तिमाही में उसे करीब 232 करोड़ रुपये का इनफ्लो मिला है और और पेमेंट साइकिल धीरे-धीरे नॉर्मल हो रहे हैं। कंपनी के पास इस समय 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की मजबूत ऑर्डर बुक है, जिससे आने वाले समय में रेवेन्यू ग्रोथ की अच्छी संभावना दिखाई देती है।
मंगलवार को कंपनी का शेयर लगभग 0.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 39.4 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। हालांकि शुरुआती कारोबार में इसमें करीब 4 प्रतिशत की तेजी देखी गई थी। विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया का शेयर अपने 340 रुपये के रिकॉर्ड हाई से करीब 90 प्रतिशत तक गिर चुका है। इसके साथ ही यह शेयर अब अपने 99 रुपये केआईपीओ प्राइस से भी लगभग 60 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।
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