पिछले 5 साल में शेयर बाजार में वोडाफोन आइडिया ( Vodafone Idea) की संपत्तियों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। मोतीलाल ओसवाल की वेल्थ क्रिएशन स्टडी में यह बात सामने आई है। इस स्टडी में 2018 से 2023 तक के आंकड़ों को शामिल किया गया है। पिछले पांच साल में उसकी संपत्ति 1.34 लाख करोड़ रुपये कम हो गई।
वोडाफोन के बाद जिन कंपनियों की संपत्तियों (मार्कैट कैपिटल) को नुकसान पहुंचा है, उनमें यस बैंक (Yes Bank), आईओसीएल (IOCL), इंडियाबुल्स हाउसिंग (Indiabulls Housing) और इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) शामिल हैं।
इसके अलावा, बंधन बैंक ( Bandhan Bank), कोल इंडिया (Coal India), न्यू इंडिया एश्योरेंस (New India Assurance), जनरल इंश्योरेंस (General Insurance) और इंडस टावर्स (Indus Towers) भी उन 10 कंपनियों में शामिल हैं, जिनकी संपत्तियों को पिछले पांच साल में नुकसान पहुंचा है।
कुल मिलाकर, संबंधित अवधि में इन कंपनियों की संपत्तियां 33 पर्सेंट यानी 5.6 लाख करोड़ रुपये तक कम हो गईं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे ज्यादा नुकसान फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनियों को हुआ है। नुकसान में फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनियों की हिस्सेदारी 29 पर्सेंट रही, जबकि टेलीकॉम, ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर एंड रिटेल आदि सेक्टर की कंपनियों की संपत्तियों को भी काफी नुकसान पहुंचा। संबंधित अवधि में कंपनियों की संपत्तियां 17 लाख करोड़ तक कम हो गईं, जो टॉप 100 कंपनियों द्वारा बनाई गई संपत्तियों का 25 पर्सेंट है।
परफॉर्मेंस में क्यों गिरावट आई
वोडाफोन आइडिया एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) से जुड़ी बकाया राशि समेत कई अन्य वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही थी। दरअसल, टेलीकॉम ऑपरेटर और टेलीकम्युनिकशंस डिपार्टमेंट के बीच AGR के कैलकुलेशन को लेकर कानूनी विवाद था और सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट के पक्ष में फैसला दिया था।
इससे वोडाफोन-आइडिया की वित्तीय चुनौतियां काफी बढ़ गई थीं और कंपनी को ब्याज के साथ बकाया रकम का भुगतान करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था। इसके अलावा, यस बैंक के मार्केट कैपिटल को 58,900 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा। इंडियाबुल्स (Indiabulls) के शेयरों में 2018 से अब तक तकरीबन 73.16 पर्सेंट की गिरावट हो चुकी है।