Vodafone Idea Shares: 52-वीक हाई पर पहुंचा शेयर, अगस्त के निचले स्तर से 100% उछला भाव, ये हैं कारण

Vodafone Idea Shares: वोडाफोन आइडिया के शेयरों ने आज 31 दिसंबर अपना पिछले एक साल का नया उच्चतम स्तर छुआ। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 2 फीसदी से अधिक उछलकर 12.36 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जो इसका नया 52-वीक हाई है। यह शेयर अब अगस्त में बनाए अपने निचले स्तर से करीब 100 फीसदी से अधिक उछल चुका है

अपडेटेड Dec 31, 2025 पर 1:35 PM
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Vodafone Idea Shares: वोडाफोन आइडिया का शेयर अगस्त में 6.12 रुपये के 52-वीक लो तक गिर गया था

Vodafone Idea Shares: वोडाफोन आइडिया के शेयरों ने आज 31 दिसंबर अपना पिछले एक साल का नया उच्चतम स्तर छुआ। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 2 फीसदी से अधिक उछलकर 12.36 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जो इसका नया 52-वीक हाई है। यह शेयर अब अगस्त में बनाए अपने निचले स्तर से करीब 100 फीसदी से अधिक उछल चुका है।

वोडाफोन आइडिया के शेयरों में इस तेजी के पीछे मुख्य वजह AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) बकाये पर सरकार की ओर से राहत मिलने की बढ़ती उम्मीद बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रिमंडल की आज होने वाली बैठक में वोडाफोन आइडिया के AGR राहत प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।

AGR राहत को लेकर क्या है चर्चा?

ब्रोकरेज फर्म CLSA ने पहले कहा था कि सरकार वोडाफोन आइडिया के AGR बकाया की दोबारा समीक्षा कर रही है और साल के अंत तक किसी राहत पैकेज का ऐलान हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ब्याज, जुर्माने और जुर्माने पर लगने वाले ब्याज में आंशिक या पूर्ण छूट देने पर विचार कर सकती है, जो कुल AGR देनदारी का बड़ा हिस्सा हैं।


CLSA के अनुसार, वोडाफोन आइडिया पर सितंबर तिमाही के अंत कुल AGR देनदारी करीब 780 अरब रुपये (लगभग 8.7 अरब डॉलर) है। अगर सरकार ब्याज और पेनल्टी में राहत देती है, तो कंपनी को करीब 8 अरब डॉलर तक की बड़ी राहत मिल सकती है।

भारी कर्ज के दबाव में कंपनी

वोडाफोन आइडिया लंबे समय से भारी वित्तीय दबाव से जूझ रही है। कंपनी पर करीब 83,400 करोड़ रुपये के AGR बकाया हैं। इस बकाये का मार्च 2025 से लगभग 18,000 करोड़ रुपये की सालाना किस्त में किया जाना है। हालांकि कंपनी ही कई बार चेतावनी दे चुकी है कि बिना वित्तीय सहायता के उसके लिए कारोबार चलना मुश्किल हो सकता है। बैंक भी उसकी कमजोर बैलेंस शीट को देखते हुए कर्ज देने से हिचक रहे हैं।

कंपनी के पास करीब 19.8 करोड़ सब्सक्राइबर हैं और यह देशभर में लगभग 18,000 लोगों को रोजगार देती है। ऐसे में AGR राहत को कंपनी के अस्तित्व के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट से मिली थी बड़ी राहत

कुछ हफ्ते पहले सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को वोडाफोन आइडिया की AGR देनदारियों की व्यापक समीक्षा और एडजस्टमेंट की अनुमति दी थी, जिसमें ब्याज और जुर्माने भी शामिल हैं। यह आदेश वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनी के लिए एक बड़ी राहत माना गया।

इससे पहले कंपनी ने सितंबर में टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) की ओर से मांग की गई 9,450 करोड़ रुपये के AGR बकाये पर ब्याज और पेनल्टी माफ करने की मांग की थी। कंपनी का तर्क था कि इस मांग का बड़ा हिस्सा FY17 से पहले की अवधि से जुड़ा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट पहले ही 2020 में निपटा चुका है। इसमें से 2,774 करोड़ रुपये पोस्ट-मर्जर और 5,675 करोड़ रुपये प्री-मर्जर देनदारियों से जुड़े बताए गए थे।

सरकार की हिस्सेदारी और शेयर का सफर

मार्च 2025 में सरकार ने करीब 36,950 करोड़ रुपये की देनदारी को इक्विटी में बदलकर Vodafone Idea में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर लगभग 49 फीसदी कर ली थी। इससे पहले, 2023 में भी केंद्र सरकार ने 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के वैधानिक बकाया के बदले 33 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की थी।

शेयर प्राइस की बात करें तो अगस्त में Vodafone Idea का शेयर 6.12 रुपये के 52-वीक लो तक गिर गया था। इसके बाद चार महीनों में इसमें जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली और अब यह 100 फीसदी से भी अधिक उछलकर 12.36 रुपये के नए 52-वीक हाई पर पहुंच गया है। बीते एक महीने में शेयर करीब 25 फीसदी और पिछले छह महीनों में 66 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप लगभग 1.34 लाख करोड़ रुपये के आसपास है।

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