वैश्विक ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी का मानना है कि वोडाफोन आइडिया जितना नीचे आएगा, एयरटेल और जियो का मार्केट में दबदबा उतना ही बढ़ेगा। वोडाफोन आइडिया इस समय भारी वित्तीय दिक्कतों से जूझ रही है और इसका कहना है कि सरकारी सहारा नहीं मिला तो इस वित्त वर्ष 2026 के बाद यह अपना कारोबार जारी नहीं रख पाएगी। एचएसबीसी के मुताबिक वोडाफोन आइडिया नेटवर्क में निवेश की योजना में जितनी देरी कर रही है, भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और रिलायंस जियो (Reliance Jio) का मार्केट में दबदबा उतना ही बढ़ेगा।
क्या है Voda Idea, Airtel और Reliance का टारगेट प्राइस?
स्ट्रक्चरल ग्रोथ ड्राइवर्स के चलते वैश्विक ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी ने भारती एयरटेल को फिर से खरीदारी की रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹2100 पर फिक्स रखा है। वहीं रिलायंस की बात करें तो सब्सिडरी जियो से फ्री कैश फ्लो में उछाल के चलते ब्रोकरेज फर्म ने टारगेट प्राइस को ₹1,580 से बढ़ाकर ₹₹1,590 कर दिया है और खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है। अब वोडा आइडिया की बात करें तो एचएसबीसी ने हाई वैल्यूएशन और हाई लेवरेज के चलते इसे फिर से रिड्यूस रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹6.50 से घटाकर ₹5.90 कर दिया है।
ब्रोकरेज के रुझान की वजह?
वोडाफोन का सब्सक्राइब मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2022 में 21% से गिरकर वित्त वर्ष 2025 में 17% के करीब आ गया क्योंकि नेटवर्क में निवेश प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले कम रहा। एचएसबीसी का मानना गै कि अगर वोडाफोन आइडिया का कैपिटल एक्सपेंडिचर जारी रहा तो वित्त वर्ष 2026 से सब्सक्राइबर्स की संख्या में गिरावट की स्पीड धीमी हो सकती है लेकिन यदि निवेश में देरी होती है तो एयरटेल और जियो को और तेजी से बाज़ार हिस्सेदारी हासिल करने का मौका मिल सकता है।
एचएसबीसी के मुताबिक वोडाफोन आइडिया की आय का लगभग 50% केवल सात टेलीकॉम सर्किल्स से आता है, जबकि एयरटेल और जियो के लिए इन सर्किल्स से केवल 25-29% ही इनकम होती है। ऐसे में यदि वोडा आइडिया इन सर्किल्स में 4G और 5G नेटवर्क विस्तार में देरी करती है, तो यह बाजार में इसके दबदबे पर निगेटिव इफेक्ट डाल सकता है क्योंकि एयरटेल और जियो यहां अपना निवेश बढ़ा सकती हैं। ब्रोकरेज फर्म एयरटेल और जियो के स्ट्रक्चरल ग्रोथ को लेकर काफी पॉजिटिव है क्योंकि वित्त वर्ष 2027 में टैरिफ हाइक और डेटा खपत बढ़ने की वजह से सब्सक्राइबर्स के हायर डेटा प्लान अपनाने के चलते इनका मोबाइल एआरपीयू बढ़ सकता है।
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