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अमेरिका को सोलर इक्विपमेंट्स एक्सपोर्ट करने वाली Waaree Energies जैसी कंपनियों के लिए आ सकते हैं बुरे दिन

अमेरिकी सरकार ने हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव एक बिल पास कराया है। इसमें सोलर पैनल पर मिलने वाले टैक्स छूट को जल्द वापस लेने का प्रस्ताव है। अगर यह बिल सीनेट में भी पास हो जाता है तो इससे अमेरिका को सोलर इक्विपमेंट्स एक्सपोर्ट करने वाली इंडियन कंपनियों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड May 26, 2025 पर 6:01 PM
अमेरिका को सोलर इक्विपमेंट्स एक्सपोर्ट करने वाली Waaree Energies जैसी कंपनियों के लिए आ सकते हैं बुरे दिन
वारी एनर्जीज और प्रीमियर एनर्जीज सहित कई इंडियन कंपनियां अमेरिका को सोलर इक्विपमेंट का एक्सपोर्ट करती हैं।

सोलर इक्विपमेंट का निर्यात करने वाली इंडियन कंपनियां अमेरिका और चीन के बढ़ते टैरिफ वॉर का फायदा उठाने का प्लान बना रही थीं। लेकिन, अब उन्हें अमेरिकी बाजार में अपनी मार्केट हिस्सेदारी घटने का डर सता रहा है। इसकी वजह अमेरिका में सरकार का एक बिल है। यह बिल हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में पास हो चुका है। इसमें सोलर पैनल पर मिलने वाले टैक्स छूट को जल्द वापस लेने का प्रस्ताव है।

सीनेट में बिल पास हुआ तो होगी मुश्किल

अगर इस बिल की सीनेट की मंजूरी मिल जाती है तो अमेरिका में सोलर पैनल के मार्केट को बड़ा धक्का लगेगा। इस मार्केट को इक्विपमेंट की सप्लाई करने वाली कंपनियों पर भी इसकी चोट लगेगी। जेफरीज इंडिया के एनालिस्ट्स ने इस बारे में अपनी रिपोर्ट में बताया है। दरअसल कई इंडियन कंपनियां अमेरिका को सोलर पावर इक्विपमेंट का एक्सपोर्ट करती हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में मॉड्यूल्स की इनवेंट्री काफी ज्यादा है। इधर, टैक्स इनसेंटिव खत्म होने से ऐसे इक्विपमेंट्स की डिमांड पर काफी असर पड़ सकता है। यह इंडियन सोलर इक्विपमेंट एक्सपोर्टर कंपनियों के लिए खराब खबर है।

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