Wall street : US इक्विटी मार्केट AI के बनाए बुलबुले में फंसा, कर्ज लेकर किया गया निवेश पड़ेगा भारी - CLSA के एलेक्स रेडमैन

AI-driven bubble : एलेक्स रेडमैन का कहना है कि AI पर होने वाले भारी खर्च के चलते बाजार में अंधाधुंध रैली देखने को मिली है। लेकिन इसके चलते काफी रिस्क पैदा हो गया है। रेडमैन ने कहा,"यह खर्च एक ट्रिलियन डॉलर का एक तिहाई है,शायद यह इतिहास का सबसे तेज़ी से किया गया खर्च है

अपडेटेड Nov 18, 2025 पर 8:30 AM
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रेडमैन का कहना है कि बढ़ते प्रॉफ़िट मार्जिन से थोड़ी रहत मिल रही है, लेकिन एडजस्टेड P/E रेशियो अब नवंबर 2021 के लेवल को पार कर गए हैं। ऐसे में बाजार डॉट-कॉम के दौर में बुलेबुले जैसी हो रही हैं

US equity market : CLSA के चीफ इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट अलेक्जेंडर रेडमैन का कहना है कि US इक्विटी मार्केट AI के चलते बनने बुलबुले में हो सकता है या उसके कगार पर पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ते AI इन्वेस्टमेंट से ग्रोथ बढ़ रही है,लेकिन दूसरे तरफ इसके मोनेटाइजेशन को लेकर चिंताएं भी बढ़ रही हैं। रेडमैन ने कहा, “एवैल्यूएशन के नज़रिए से, ऐसा ज़रूर लगता है कि हम या तो बबल टेरिटरी में हैं या कम से कम उसके करीब पहुंच रहे हैं,” उन्होंने कहा कि “हमें कुछ सालों में इसे मोनेटाइज़ करने पर बात करने की ज़रूरत नहीं है। पॉज़िटिव ROI पाने के लिए हमें इसे आज ही मोनेटाइज़ करना होगा।” अलेक्जेंडर रेडमैन ने CLSA के इंडिया फ़ोरम में एक मीडिया ब्रीफ़िंग में बोलते हुए ये बातें कहीं।

पूरा बाजार हुआ महंगा

उन्होंने S&P 500 में बहुत ज़्यादा कंसंट्रेशन की ओर भी इशारा किया और कहा “आधे से ज़्यादा अर्निंग सिर्फ़ 7 स्टॉक्स से आ रही है… इंडेक्स मार्केट कैप का लगभग आधा हिस्सा अब सिर्फ़ 10 कंपनियों के पास है।” रेडमैन ने पूरे मार्केट के बहुत ज्यादा महंगे हो जाने की ओर भी इशारा किया। S&P 500 का प्राइस-टू-सेल्स रेश्यो अब तक के रिकॉर्ड लेवल पर, जिससे पता चलता है कि इन्वेस्टर्स हर डॉलर के रेवेन्यू के लिए इतिहास का अब तक का सबसे ज़्यादा पेमेंट कर रहे हैं।


दूसरे इंडीकेटर भी कर रहे खतरे का इशारा

उन्होंने आगे कहा कि बढ़ते प्रॉफ़िट मार्जिन से थोड़ी रहत मिल रही है, लेकिन एडजस्टेड P/E रेशियो अब नवंबर 2021 के लेवल को पार कर गए हैं। ऐसे में बाजार डॉट-कॉम के दौर में बुलेबुले जैसी हो रही हैं। बाजार के दूसरे मेट्रिक्स भी सावधानी की घंटी बजा रहे हैं। अर्निंग्स यील्ड बनाम बॉन्ड यील्ड 2002 के बाद सबसे निचले स्तर पर हैं। जबकि इक्विटी रिस्क प्रीमियम और हाई-यील्ड स्प्रेड बहुत कम सेफ्टी दे रहे हैं।

एग्रेसिव अर्निंग्स फोरकास्ट से मार्केट पर पड़ेगा और दबाव

अलेक्जेंडर रेडमैन का मानना है कि एग्रेसिव अर्निंग्स फोरकास्ट से मार्केट पर और दबाव पड़ेगा। उन्होनें कहा, “S&P 500 EPS में लंबे समयकी 40 साल की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 6.7% है… पिछले साल की ग्रोथ 10% थी, इस साल 12% का अनुमान है, और 2026 और 2027 में इसके 14% पर रहने का अनुमान है।”

कर्ज लेकर किया गया निवेश पड़ेगा भारी

रेडमैन का कहना है कि AI पर होने वाले भारी खर्च के चलते बाजार में अंधाधुंध रैली देखने को मिली है। लेकिन इसके चलते काफी रिस्क पैदा हो गया है। रेडमैन ने कहा,"यह खर्च एक ट्रिलियन डॉलर का एक तिहाई है,शायद यह इतिहास का सबसे तेज़ी से किया गया खर्च है...कुछ ब्रोकर्स कि राय है कि यह खर्च लगभग एक ट्रिलियन डॉलर प्रति वर्ष तक पहुंच सकता है।" दूसरी सबसे बड़ी बात ये है कि इस निवेश का ज़्यादातर हिस्सा कर्ज़ पर आधारित है। यह कर्ज खून के आंसू रुला सकता है।

 

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