Titan Share Price: पहली तिमाही में टाइटन के नतीजे सभी पैमाने पर अच्छे रहे हैं। मुनाफे में 52 फीसदी तो आय में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही मार्जिन में भी उछाल आया है। EBITDA सालाना आधार पर 1,247 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,830 करोड़ रुपए पर और EBITDA मार्जिन 9.4 फीसदी से बढ़कर 11.1 फीसदी पर रहा है।
कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 715 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,091 करोड़ रुपये पर रहा जबकि रेवेन्यू सालाना आधार पर 24.6 फीसदी यानी 13,266 करोड़ रुपये से बढ़कर 16,523 करोड़ रुपये पर रही।
ज्वैलरी हेजिंग (करीब 50 करोड़) और वॉच डिवीजन (करीब 50 करोड़) में इनवेंट्री की वैल्यूएशन से करीब 100 करोड़ रुपये का वन टाइम गेंस हुआ। गोल्ड की कीमतों में उछाल का असर जून तिमाही में बायर्स की संख्या की ग्रोथ पर पड़ा। स्टडेड ज्वैलरी मिक्स 100 बीपीएस घटकर 29 फीसदी पर आ गया।
कंपनी के नतीजे और आगे के ग्रोथ आउटलुक पर बात करते हुए Titan के CFO अशोक सोंथालिया ने कहा कि कंपनी के ज्वेलरी बिजनेस में 11-11.5 फीसदी मार्जिन का गाइडेंस बरकरार है। गोल्ड कीमतों में काफी वौलेटिलिटी (उतार-चढ़ाव) देखने को मिला है। ट्रंप टैरिफ को लेकर बाजार में बढ़ रही अनिश्चितता कंज्यूमर सेंटिमेंट के लिए बेहतर नहीं है।
टाइटन की पॉलिसी है कि हम गोल्ड के प्राइस पर रिस्क नहीं लेते, बल्कि उसको ज्वेलरी में कन्वर्ट करके अपना प्रॉफिट बनाते है, लेकिन गोल्ड की कीमतो में पिछले 12 से 18 महीनों में जो उछाल आया है उसे लेकर लोगों में कंफ्यूजन जरुर है कि कीमतें और कितनी ऊपर जाएगी। लोग सोने में गिरावट का इंतजार करते हैं। हालांकि सोने में करेक्शन भी हो रहे है, लोग कोशिश करते है उस गिरावट का फायदा उठाने की भी कोशिश करते है। गोल्ड कीमतों को लेकर ग्राहक ज्यादा सतर्क है।
उन्होंने आगे कहा कि सोने में खरीदारी हो रही है लेकिन बायर ग्रोथ नहीं दिख रही है।
अशोक सोंथालिया ने आगे कहा कि कंज्यूमर सेंटिमेंट के लिए हालात अनुकूल नहीं हैं।
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