सितंबर तिमाही में कंपनियों की प्रॉफिट और रेवेन्यू ग्रोथ कमजोर रही है। साथ ही लोन का इंटरेस्ट रेट भी हाई है। लेकिन, इसका असर कंपनियों की कर्ज चुकाने की क्षमता पर नहीं पड़ा है। इससे पहले प्रॉफिट और रेवेन्यू ग्रोथ घटने का असर इंटरेस्ट चुकाने की कंपनियों की क्षमता पर पड़ता था। मनीकंट्रोल के सर्वे से पता चला है कि सितंबर तिमाही में बड़ी, मध्यम और छोटी कंपनियों के इंटरेस्ट-कवरेज रेशियो (आईसीआर) में जून तिमाही के मुकाबले मामूली गिरावट आई है। उनका आईसीआर 4-5 के बीच था, जिसे सुरक्षित माना जाता है।
