सिंगापुर में आयोजित एक समिट के दौरान एक्सपर्ट्स का कहना था कि अगर फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है, तो यह ग्लोबल इनवेस्टर्स के लिए गेम चेंजर नहीं होगा। दरअसल, चीन का स्लोडाउन निवेशकों के दिमाग पर हावी रहेगा। इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म ब्रिजवॉटर एसोसिएट्स एलपी के फाउंडर रे डेलियो ने बताया कि फेडरल रिजर्व के फैसले से लॉन्ग टर्म में ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि आखिरकार नीति निर्माताओं को आखिरकार रियल इंटरेस्ट रेट को कम रखना पड़ेगा।
