डिफेंस शेयरों में मची लूट! GRSE, मझगांव डॉक और कोचीन शिपयार्ड 20% तक उछले, जानें कारण
Defence Stocks: डिफेंस कंपनियों के शेयरों में बुधवार 1 अप्रैल को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में 10% से लेकर 20% तक का उछाल दर्ज किया गया। ये तीनों कंपनियां निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स में टॉप गेनर्स रहीं
Defence Stocks: GRSE के मजबूत नतीजों का असर पूरे शिपबिल्डिंग सेक्टर पर देखने को मिला
Defence Stocks: डिफेंस कंपनियों के शेयरों में बुधवार 1 अप्रैल को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में 10% से लेकर 20% तक का उछाल दर्ज किया गया। ये तीनों कंपनियां निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स में टॉप गेनर्स रहीं। इस तेज रैली के पीछे मजबूत फंडामेंटल अपडेट, सेक्टोरल सेंटीमेंट और तकनीकी ट्रिगर्स का बड़ा योगदान रहा।
डिफेंस शेयरों में तेजी की सबसे बड़ी वजह GRSE का मजबूत ऑपरेशनल अपडेट रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में अपने इतिहास का सबसे ज्यादा टर्नओवर दर्ज किया। GRSE का सालाना टर्नओवर ₹6,400 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹5,076 करोड़ के मुकाबले करीब 26% ज्यादा है।
कंपनी ने वित्त वर्ष के दौरान कुल 5 जहाज कमीशन किए और भारतीय नौसेना को 8 जहाज डिलीवर किए। इसके अलावा, कंपनी जर्मनी के एक क्लाइंट के लिए 12 एक्सपोर्ट जहाजों के निर्माण पर भी तेजी से काम कर रही है, साथ ही एक फ्रेंडली विदेशी देश के लिए ड्रेजर प्रोजेक्ट पर भी प्रगति जारी है।
हालांकि कंपनी ने अपने मौजूदा ऑर्डर बुक का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इस मजबूत प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया है।
सेक्टर में पॉजिटिव सेंटिमेंट का असर
GRSE के मजबूत नतीजों का असर पूरे शिपबिल्डिंग सेक्टर पर देखने को मिला। हालांकि मझगांव डॉक और कोचीन शिपयार्ड ने अभी तक वित्त वर्ष 2026 के लिए कोई बड़ा अपडेट साझा नहीं किया है, लेकिन GRSE के आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि डिफेंस शिपबिल्डिंग सेक्टर में ऑर्डर फ्लो और एग्जिक्यूशन मजबूत बना हुआ है।
इससे निवेशकों ने सेक्टर के बाकी शेयरों में भी खरीदारी शुरू कर दी, जिससे व्यापक तेजी देखने को मिली।
F&O में एंट्री बना बड़ा ट्रिगर
कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में तेजी का एक अहम कारण इसका फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में 1 अप्रैल से शामिल होना भी माना जा रहा है। F&O में शामिल होने से किसी स्टॉक में ट्रेडिंग वॉल्यूम और निवेशकों की भागीदारी बढ़ती है, जिससे शॉर्ट टर्म में शेयर में तेजी देखने को मिलती है। वहीं मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स पहले से ही F&O सेगमेंट में शामिल है, जिससे इसमें पहले से ही हाई ट्रेडिंग एक्टिविटी बनी हुई है।
ट्रेडिंग वॉल्यूम में बड़ा उछाल
इन तीनों शेयरों में सिर्फ कीमत ही नहीं बढ़ी, बल्कि ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी भारी उछाल दर्ज किया गया। GRSE में करीब 40 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जो इसके 20-दिन के औसत 3.3 लाख से कई गुना ज्यादा है। मझगांव डॉक में लगभग 20 लाख शेयरों की ट्रेडिंग हुई, जो औसत 8.5 लाख से काफी ज्यादा है। कोचीन शिपयार्ड में करीब 35 लाख शेयरों का वॉल्यूम रहा, जबकि औसत केवल 3.6 लाख है।
शेयर बाजार में मौजूदा स्थिति
दोपहर 12.30 बजे के करीब GRSE का शेयर करीब 19.63% चढ़कर 2,360 रुपये पर कारोबार कर रहा था। वहीं मझगांव डॉक के शेयर 12.16% की तेजी के साथ 2,316.30 रुपये पर कारोबार करते दिखे। जबकि कोचीन शिपयार्ड के शेयर 13.49% बढ़कर 1,354.10 रुपये के स्तर पर पहुंच गए।
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