Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में आज सोमवार, 19 अक्टूबर को बिकवाली का ऐसा खूनी खेल देखने को मिल रहा है। लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख सेंसेक्स में 1,013.06 अंकों (1.35%) की भारी-भरकम गिरावट आई है और यह गोता लगाकर 73,716.21 पर आ गया है। वहीं, निफ्टी 50 भी 294.20 अंकों की बड़ी टूट के साथ 22,851.95 पर आ गया है, जिससे निवेशकों के सारे सपोर्ट लेवल पूरी तरह टूट गए हैं।
इस चौतरफा कोहराम और बिकवाली के दौर में किसी भी सेक्टर को संभलने का मौका नहीं मिला है। निफ्टी IT के शेयरों में तो जैसे भूचाल आ गया हो, और यह 535.25 अंक (-1.67%) का गोता लगाकर 31,388.85 के स्तर पर आ गिरा है।
इसके अलावा, निफ्टी बैंक में 477.65 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 55,366.35 पर ट्रेड कर रहा है। वहीं बैंकक्स 396.91 अंक लुढ़ककर 62,372.52 पर और निफ्टी मिडकैप 100 530.50 अंक (-0.89%) टूटकर 58,599.25 के स्तर पर बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। दिग्गज कंपनियों के फीके नतीजों और विदेशी बाजारों की नकरात्मक चाल ने निवेशकों की पूंजी में भारी चपत लगाई है।
बाजार में आज आई इस ऐतिहसिक गिरावट के पीछे के 3 बड़े कारण
1. बैंकिंग शेयरों में ताबड़तोड़ मुनाफावसूली: प्रमुख प्राइवेट बैंकों की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के वित्तीय प्रदर्शन के बाद नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर लगातार बढ़ते दबाव और सुस्त क्रेडिट ग्रोथ की आशंकाओं ने निवेशकों के हाथपांव फुला दिए हैं। HDFC Bank और ICICI Bank जैसे दिग्गजों में बिकवाली हावी होने से पूरा बैंकिंग सेक्टर बुरी तरह लाल निशान में डूबा है।
2. ग्लोबल टेक स्टॉक्स और AI की भारी-भरकम लागत: अमेरिकी बाजारों से मिले सुस्त संकेतों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनियों द्वारा अरबों डॉलर झोंकने की चिंताओं ने टेक सेक्टर की नींद उड़ा दी है। इसका सीधा और घातक असर भारतीय आईटी शेयरों पर पड़ा है, जिससे निफ्टी आईटी आज का सबसे बड़ा लूजर बन गया है।
3. क्रूड ऑयल में आग और राजकोषीय चिंताएं: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का तेवर अभी भी $108 प्रति बैरल के खतरनाक स्तर के ऊपर बना हुआ है। कच्चे तेल की यह बेकाबू तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देशों के आयात बिल, घरेलू महंगाई और राजकोषीय घाटे को लेकर गहरी चिंताएं पैदा कर रही है।
जिओजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट रणनीतिकार आनंद जेम्स के मुताबिक, 'अगस्त के बाद पहली बार 20-डे SMA से ऊपर क्लोजिंग मिलने से बाजार में ऊपर की ओर एक स्थायी तेजी की उम्मीदें बढ़ गई हैं। वैसे लोअर बोलिंगर बैंड से 4% से ज्यादा की तेजी आने के बाद एक मामूली करेक्शन या मीन रिवर्जन मूव से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन जब तक निफ्टी में गिरावट 22,780 के स्तर से ज्यादा नहीं बढ़ती, तब तक 23,600 का टारगेट पूरी तरह से एक्टिव और बरकरार रहेगा।'
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।