Stock Market Crash Today: हफ्ते के पहले ही कारोबारी दिन सोमवार, 15 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में ऊपरी स्तरों से भारी बिकवाली देखने को मिली है। दिन की मजबूत शुरुआत के बाद बाजार अचानक धड़ाम हो गया और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में चले गए।

Stock Market Crash Today: हफ्ते के पहले ही कारोबारी दिन सोमवार, 15 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में ऊपरी स्तरों से भारी बिकवाली देखने को मिली है। दिन की मजबूत शुरुआत के बाद बाजार अचानक धड़ाम हो गया और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में चले गए।
दोपहर 3:00 बजे सेंसेक्स अपने दिन के उच्च स्तर से 1,300 अंक फिसलकर 665.26 अंक (0.89%) की गिरावट के साथ 74,116.50 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ्टी भी 236.20 अंक (1.01%) टूटकर 23,161.90 के अहम लेवल पर कारोबार कर रहा था।
बाजार की इस चौतरफा बिकवाली में 3,022 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि केवल 1,042 शेयर ही हरे निशान में टिक सके। आइए आपको बताते हैं कि आखिर अचानक बाजार का मूड क्यों बिगड़ा और वो कौन सी 4 बड़ी वजहें हैं जिन्होंने दलाल स्ट्रीट पर मचाया हाहाकार।
दिग्गजों में बड़ी गिरावट
आज की गिरावट का सबसे बड़ा झटका बैंकिंग और डिफेंस सेक्टर के शेयरों को लगा। डिफेंस दिग्गज भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) लगातार चौथे सेशन में गिरते हुए करीब 4% टूटकर इंडेक्स का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर बना। श्रीराम फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक (2% डाउन), बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक और एसबीआई में 1 से 3% की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी डिफेंस (3% से ज्यादा डाउन), निफ्टी रियल्टी (1% से ज्यादा डाउन, लगातार 7वें दिन गिरावट) और निफ्टी मेटल में भारी बिकवाली रही।
वैसे चौतरफा बिकवाली के बीच सिर्फ निफ्टी आईटी 3% से ज्यादा चढ़ा। दिन के दौरान यह 5% उछलकर 7 महीने के उच्चतम स्तर पर गया था। निफ्टी एफएमसीजी 0.5% की बढ़त बनाने में कामयाब रहा।
शेयर बाजार में गिरावट की ये है 4 प्रमुख वजहें
1. कच्चे तेल की कीमतों में आग: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और गहराने की आशंका से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर खतरा मंडराने लगा है। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर नए सिरे से हमले शुरू कर दिए हैं। इस तनाव के चलते एशियाई कारोबार में ब्रेंट क्रूड $107 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा क्रूड ऑयल इंपोर्ट करता है, इसलिए तेल का महंगा होना भारतीय अर्थव्यवस्था और महंगाई दर के लिए बड़ा झटका है।
2. ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में उछाल: अमरीका में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार 5% के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को छू गई। अमरीकी बॉन्ड यील्ड में तेजी का मतलब है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स इमर्जिंग मार्केट्स (जैसे- भारत) से पैसा निकालकर अमरीकी बॉन्ड में लगा रहे हैं, जिससे एफआईआई की बिकवाली बढ़ जाती है।
3. इंडिया विक्स में 9% की तेजी: बाजार में डर और अनिश्चितता को मापने वाला इंडिकेटर India VIX आज 9% बढ़कर 13.43 पर पहुंच गया। विक्स का बढ़ना स्पष्ट संकेत देता है कि अल्पकालिक में ट्रेडर्स के बीच घबराहट और बिकवाली का दबाव काफी बढ़ गया है।
4. टेक्निकल कारण: बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी को दोबारा बुलिश मोमेंटम में लौटने के लिए 23,600 का स्तर पार करना जरूरी है। इंडेक्स के लिए पहला मजबूत सपोर्ट जून के निचले स्तर 23,070 पर है। जब तक निफ्टी 23,500 के ऊपर मजबूती से नहीं टिकता, तब तक बाजार में 23,230 से 23,500 के दायरे में कंसोलिडेशन और गिरावट का दबाव बना रहेगा।
शेयर बाजार के दिग्गजों के अनुसार, मिडिल ईस्ट के तनाव और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड के 5% पार जाने से बाजार पर दबाव अभी बना रह सकता है। रिटेल निवेशकों को सलाह है कि वे पैनिक में आकर बिकवाली न करें, बल्कि आईटी और एफएमसीजी जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स पर नजर रखें और निफ्टी के 23,070 के सपोर्ट लेवल पर कड़ी नजर बनाए रखें।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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