Share Market Crash: डे-हाई से 800 प्वाइंट्स टूटा Sensex, इन 5 वजहों से Nifty ने गंवाई पूरी बढ़त

Share Market Crash: शुरुआती पूरी बढ़त गंवाते हुए सेंसेक्स और निफ्टी लाल हो गए। डे-हाई से सेंसेक्स (Sensex) 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 23350 के नीचे आ गया। जानिए मार्केट में गिरावट की पांच मुख्य वजह

अपडेटेड Sep 15, 2026 पर 11:11 AM
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एक कारोबारी दिन पहले 11 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 120.83 प्वाइंट्स यानी 0.16% की गिरावट के साथ 74,781.76 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 79.70 प्वाइंट्स यानी 0.34% की फिसलन के साथ 23,398.10 पर बंद हुआ था। आज ये अच्छी बढ़त के साथ खुले।

Share Market Crash: आईटी शेयरों के दम पर आज मार्केट में शुरुआती कारोबार में अच्छी रौनक दिखी और सेंसेक्स-निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ खुले। हालांकि फिर बिकवाली का ऐसा दबाव आया कि डे-हाई से सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23350 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का तगड़ा दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1-1% की गिरावट है।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:05 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 87.59 प्वाइंट्स यानी 0.12% की गिरावट के साथ 74,694.17 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 47.15 प्वाइंट्स यानी 0.20% की फिसलन के साथ 23350.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 654.68 प्वाइंट्स चढ़कर 75,436.44 तक पहुंचा जिससे फिर यह 832.20 प्वाइंट्स फिसलकर 74,604.24 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी 194.75 प्वाइंट्स चढ़कर 23,592.85 तक पहुंचा था जिससे यह 265.50 प्वाइंट्स गिरकर 23,327.35 तक आ गया।

Stock Market Crash: ये है वजह

कच्चे तेल में उबाल


पश्चिमी एशिया में तनाव बने रहने और वैश्विक एनर्जी सप्लाई पर खतरे की आशंका ने कच्चे तेल को उबाल दिया यमन के अधिकारियों का कहना है कि ईरान का सपोर्ट करने वाले यमन के हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर नए हमले शुरू कर दिए हैं और वे लाल सागर के किनारे यमन के पश्चिमी तट पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। खाड़ी के अरब देशों ने ईरान के साथ होने वाली बातचीत भी टाल दी है, जिससे इस टकराव के और बढ़ने की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके चलते ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $107 के पार पहुंच गया।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका

महंगाई के दबाव में इस बात की आशंका बढ़ गई है कि अमेरिका से लेकर जापान और भारत के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं।

ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में उछाल

अमेरिका का बेंचमार्क 10-साल का ट्रेजरी यील्ड अक्टूबर 2023 के बाद से पहली बार सोमवार को 5% के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर पर पहुंचा। मार्केट के जानकारों का कहना है कि इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

बैंकिंग शेयरों का दबाव

एआई स्टॉक्स के क्रैश होने से भारतीय सॉफ्टवेयर सर्विसेज कंपनियों के शेयर रॉकेट बन गए और निफ्टी आईटी 4% से अधिक उछल गया। हालांकि बैंकिंग और रियल्टी शेयरों का दबाव भारी पड़ गया तो मेटल सेक्टर में भी बिकवाली की आंधी ने इसे और बढ़ाया। निफ्टी रियल्टी फिलहाल 2% से अधिक कमजोर है तो पीएसयू बैंक और मेटल का निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक नीचे आया है तो निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है।

टेक्निकल वजह

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि बुलिश माहौल के लिए निफ्टी को 23600 का लेवल पार करना होगा। बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि 23500 के ऊपर अगर निफ्टी मजबूती दिखाता है तो यह 23650 की तरफ बढ़ सकता है लेकिन ऐसा नहीं होने पर यह 23230-23500 की रेंज में कंसालिडेट हो सकता है। पबित्रो के मुताबिक फिलहाल तो इसका रुझान नीचे की तरफ है और अगर यह पिछले हफ्ते के निचले स्तर 23,231 से नीचे गिरता है तो यह जून के निचले स्तर 23,070 के आसपास बने सपोर्ट की तरफ फिसल सकता है।

उनका मानना है कि डेली चार्ट पर लगातार हायर हाई और हायर लो बनने पर ही मौजूदा गिरावट का रुझान थमने का संकेत मिलेगा। पबित्रो का कहना है कि ऊपर की तरफ निफ्टी को 23,650 के गैप-डाउन एरिया में तात्कालिक रेजिस्टेंस झेलना पड़ेगा। वहीं हाल ही के ब्रेकडाउन एरिया और 20-दिनों के ईएमए 23800-24000 के बीच तगड़ा रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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