Share Market Crash: आईटी शेयरों के दम पर आज मार्केट में शुरुआती कारोबार में अच्छी रौनक दिखी और सेंसेक्स-निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ खुले। हालांकि फिर बिकवाली का ऐसा दबाव आया कि डे-हाई से सेंसेक्स 1442 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23150 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी आज बिकवाली का तगड़ा दबाव दिखा और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2-2% से अधिक की गिरावट आई।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 15 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 777.94 प्वाइंट्स यानी 1.04% की गिरावट के साथ 74,003.82 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 279.50 प्वाइंट्स यानी 1.19% की फिसलन के साथ 23,118.60 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 654.68 प्वाइंट्स चढ़कर 75,436.44 तक पहुंचा जिससे फिर यह 1442.41 प्वाइंट्स फिसलकर 73,994.03 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी 194.75 प्वाइंट्स चढ़कर 23,592.85 तक पहुंचा था जिससे यह 474.25 प्वाइंट्स गिरकर 23,118.60 sतक आ गया।
Stock Market Crash: ये है वजह
पश्चिमी एशिया में तनाव बने रहने और वैश्विक एनर्जी सप्लाई पर खतरे की आशंका ने कच्चे तेल को उबाल दिया यमन के अधिकारियों का कहना है कि ईरान का सपोर्ट करने वाले यमन के हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर नए हमले शुरू कर दिए हैं और वे लाल सागर के किनारे यमन के पश्चिमी तट पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। खाड़ी के अरब देशों ने ईरान के साथ होने वाली बातचीत भी टाल दी है, जिससे इस टकराव के और बढ़ने की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके चलते ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $107 के पार पहुंच गया।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका
महंगाई के दबाव में इस बात की आशंका बढ़ गई है कि अमेरिका से लेकर जापान और भारत के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में उछाल
अमेरिका का बेंचमार्क 10-साल का ट्रेजरी यील्ड अक्टूबर 2023 के बाद से पहली बार सोमवार को 5% के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर पर पहुंचा। मार्केट के जानकारों का कहना है कि इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
सेक्टरवाइज आज बात करें तो एआई स्टॉक्स के क्रैश होने से भारतीय सॉफ्टवेयर सर्विसेज कंपनियों के शेयर रॉकेट बन गए और निफ्टी आईटी 4% से अधिक उछल गया और दिन के आखिरी में भी 2% से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि रियल्टी, बैंकिंग और मेटल सेक्टर ने ऐसा दबाव बनाया कि मार्केट संभल नहीं पाया। निफ्टी रियल्टी 4% से अधिक कमजोर हुआ तो निफ्टी मेटल ढाई फीसदी से अधिक। इसके अलावा पीएसयू बैंक और ऑटो सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 2-2% से अधिक कमजोरी आई तो फार्मा और प्राइवेट बैंक के निफ्टी इंडेक्स भी 1-1% से अधिक टूट गए।
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि बुलिश माहौल के लिए निफ्टी को 23600 का लेवल पार करना होगा। बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि 23500 के ऊपर अगर निफ्टी मजबूती दिखाता है तो यह 23650 की तरफ बढ़ सकता है लेकिन ऐसा नहीं होने पर यह 23230-23500 की रेंज में कंसालिडेट हो सकता है। पबित्रो के मुताबिक फिलहाल तो इसका रुझान नीचे की तरफ है और अगर यह पिछले हफ्ते के निचले स्तर 23,231 से नीचे गिरता है तो यह जून के निचले स्तर 23,070 के आसपास बने सपोर्ट की तरफ फिसल सकता है।
उनका मानना है कि डेली चार्ट पर लगातार हायर हाई और हायर लो बनने पर ही मौजूदा गिरावट का रुझान थमने का संकेत मिलेगा। पबित्रो का कहना है कि ऊपर की तरफ निफ्टी को 23,650 के गैप-डाउन एरिया में तात्कालिक रेजिस्टेंस झेलना पड़ेगा। वहीं हाल ही के ब्रेकडाउन एरिया और 20-दिनों के ईएमए 23800-24000 के बीच तगड़ा रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।