Share Market Rally: शेयर बाजार इन 3 कारणों से झूमा, सेंसेक्स ने 1600 अंकों की भरी उड़ान, हरे निशान में सभी सेक्टोरल इंडेक्स

Share Market Rally: भारतीय शेयर बाजारों में आज 11 अप्रैल को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। ट्रंप के टैरिफ पर अस्थायी रोक और भारत-अमेरिका के बीच समझौत की उम्मीद से निवेशकों ने आज जमकर खरीदारी की। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,472.2 अंक उछलकर 75,319.35 के स्तर पर पहुंच गया, जो कि 1.99% की बढ़त दिखाता है। वहीं निफ्टी ने 475.3 अंकों की छलांग लगाकर 22,874.45 के स्तर को छू लिया, जो 2.12% की तेजी है

अपडेटेड Apr 11, 2025 पर 1:23 PM
Share Market Rally: ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर लगाए ऊंचे टैरिफ को 90 दिनों के लिए यानी 9 जुलाई तक के लिए रोक दिया है

Share Market Rally: जैसा कि अनुमान जताया जा रहा था, भारतीय शेयर बाजारों में आज 11 अप्रैल को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। ट्रंप के टैरिफ पर अस्थायी रोक और भारत-अमेरिका के बीच समझौत की उम्मीद से निवेशकों ने आज जमकर खरीदारी की। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,472.2 अंक उछलकर 75,319.35 के स्तर पर पहुंच गया, जो कि 1.99% की बढ़त दिखाता है। वहीं निफ्टी ने 475.3 अंकों की छलांग लगाकर 22,874.45 के स्तर को छू लिया, जो 2.12% की तेजी है। अदाणी एंटरप्राइजेज, टाटा स्टील, सिप्ला, JSW स्टील और टाटा मोटर्स जैसे शेयर 5% तक उछल गए।

शेयर बाजार में इस भारी तेजी की गुरुवार को ही उम्मीद की थी, जब अमेरिका से लेकर यूरोप और एशिया के बाजारों में रिकॉर्डतोड़ तेजी देखने को मिली थी। हालांकि भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को महावीर जयंती के चलते बंद थे, जिसके बाद आज शु्क्रवार को इनमें तेजी देखी जा रही है। हालांकि एशिया के बाकी शेयर बाजार आज गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं।

भारतीय शेयर बाजार में आज की तेजी के पीछे तीन मुख्य कारण रहे-


1. अमेरिकी टैरिफ पर अस्थायी रोक

शेयर बाजार में आज की तेजी के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी टैरिफ पर रोक को माना जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर लगाए गए ऊंचे टैरिफ को 90 दिनों के लिए यानी 9 जुलाई तक के लिए रोक दिया है। इससे भारतीय एक्सपोर्टरों और निवेशकों को राहत की सांस मिली है। यह घोषणा व्हाइट हाउस से जारी एक एग्जिक्यूटिव आदेश के जरिए हुई। हालांकि 10% का बेसलाइन टैरिफ अभी भी लागू रहेगा, लेकिन इस अस्थायी राहत ने भारत को अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करने के लिए जरूरी समय और अवसर दिया है, जिसके चलते निवेशक आज जोश में दिखे।

2. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीद

सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार इस 90 दिन की खिड़की में अमेरिका के साथ एक आंशिक द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) करने की योजना पर काम कर रही है। सरकार तीन-स्तरीय रणनीति अपना रही है। पहला- दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को गहरा करना। दूसरा- भारतीय उत्पादों की विदेशी बाजारों तक पहुंच बढ़ाना। और तीसरा- घरेलू उद्योगों की रक्षा करना। निवेशकों को उम्मीद है कि इस समझौते बाजार में टैरिफ को लेकर छाई अनिश्चतता दूर हो सकती है।

3. भारत को चीन पर कॉम्पिटिटीव बढ़त

जहां भारत को टैरिफ पर राहत मिली है, वहीं चीन, हांगकांग और मकाऊ जैसे देशों को यह राहत नहीं मिली। इन देशों या इलाकों पर अमेरिका ने 145 का टैरिफ जारी रखा है इससे भारत को एक्सपोर्ट मार्केट में तात्कालिक बढ़त मिल सकती है। एपल भी चीन की जगह भारत से अधिक से अधिक आईफोन के एक्सपोर्ट की तैयारी कर रहे हैं। इन सब वजहों ने आज शेयर बाजार में तेजी लाने में मदद की।

टेक्निकल एनालिस्ट्स का क्या है कहना?

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट, आनंद जेम्स का कहना है कि बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है क्योंकि निवेशक हफ्ते के बीच में आई छुट्टी और उसके बाद की खबरों को पचा रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर निफ्टी 23,140 के स्तर को पार करता है, तो एक नई खरीदारी की लहर शुरू हो सकती है। इसके लिए इंडेक्स का 22,850 के ऊपर टिकना मजबूती के संकेत देगा। वहीं दूसरी ओर अगर बाजार नीचे गिरता है तो इसे 22,500 पर सपोर्ट मिल सकता है और वहां भी खरीदारी की संभावना है। हालांकि 22,160 के नीचे गिरावट की संभावना बहुत कम है।”

कितनी टिकाऊ है यह तेजी?

जियोजित इनवेस्टमेंट के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार को उम्मीद है कि शेयर बाजार में आई यह तेजी एक बिंदु से आगे भी जारी रह सकती है, लेकिन ग्लोबल मार्केट में अनिश्चतता के कारण मार्केट सेंटीमेंट में कभी भी बदलाव हो सकता है। उन्होंने कहा, "इस अनिश्चचतता के माहौल में बाजार में लगातार तेजी की कोई गुंजाइश नहीं है। लेकिन निवेशक इस तथ्य से राहत महसूस कर सकते हैं कि बाकी देशों के मुकाबले भारतीय इकोनॉमी के फंडामेंटल मजबूत है और यह ट्रेड वार में सबसे कम प्रभावित होने वाले देशों में से एक है। वेशकों को सतर्क रहना चाहिए और उन्हें रिटर्न से अधिक सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। फिलहाल लार्जकैप स्टॉक्स ज्यादा वाजिब भाव पर नजर आ रहे हैं।"

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