Share Market Rise: शेयर बाजार में इन 4 वजहों से लौटी तेजी; सेंसेक्स 600 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार
Share Market Rise: एक दिन पहले की तेज गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजारों में आज 10 मार्च को मजबूत रिकवरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 809 अंक उछलकर 78,375.73 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 252 अंकों की छलांग लगाकर 24,280.80 पर कारोबार करता नजर आया। हालांकि बाद में इनमें ऊंचे स्तरों से थोड़ी गिरावट देखने को मिली
Share Market Rise: निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 1.5% तक बढ़ गए
Share Market Rise: एक दिन पहले की तेज गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजारों में आज 10 मार्च को मजबूत रिकवरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 809 अंक उछलकर 78,375.73 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 252 अंकों की छलांग लगाकर 24,280.80 पर कारोबार करता नजर आया। हालांकि बाद में इनमें ऊंचे स्तरों से थोड़ी गिरावट देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और ग्लोबल बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के चलते निवेशकों का भरोसा लौटा, जिससे बाजार में खरीदारी बढ़ी। आईटी और ऑयल एंड गैस को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 1.5 परसेंट तक बढ़ गए।
कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 639.82 अंक या 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,205.98 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 233.55 अंक या 0.97 प्रतिशत चढ़कर 24,261.60 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में आज की इस तेजी के पीछे 4 बड़े कारण रहे-
1. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
शेयर बाजार में आज की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें एक दिन पहले 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं, लेकिन मंगलवार को इनमें तेजी से गिरावट आई और कीमतें लगभग 89 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गईं। क्रूड के दाम में यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान के बाद आई।
ट्रंप ने सोमवार को एक बयान में संकेत दिया कि ईरान से जुड़ा युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की सप्लाई बाधित होती है तो फिर से जोखिम बढ़ सकता है। भारत अपनी लगभग 40 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतें इसी मार्ग से आयात करता है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की और ईरान युद्ध को जल्दी खत्म करने के लिए कुछ प्रस्ताव साझा किए। इससे तेल की सप्लाई को लेकर बनी चिंताएं कुछ कम हुईं और बाजार का माहौल शांत हुआ।
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट्स वीके विजयकुमार के अनुसार ब्रेंट क्रूड में हालिया तेज उतार-चढ़ाव पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़ी अनिश्चितता को दिखाता है।
2. ग्लोबल बाजारों से मजबूत संकेत
अमेरिकी शेयर बाजार से आए मजबूती संकेतों ने भी निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में जोरदार तेजी देखने को मिली। नैस्डैक इंडेक्स करीब 308 अंक या 1.4 प्रतिशत उछलकर 22,695 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 55 अंक या 0.8 प्रतिशत बढ़कर 6,795 पर पहुंच गया, जबकि डॉव जोन्स इंडेक्स 239 अंक या 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 47,740 पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में भी जोरदार रिकवरी देखने को मिली। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 5 प्रतिशत उछला, जबकि जापान का निक्केई 225 लगभग 2.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं चीन का शंघाई SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी बढ़त के साथ हरे निशान में ट्रेड कर रहे थे।
3. रुपये में सुधार
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भारतीय रुपये में भी मंगलवार को मजबूती देखने को मिली। रुपया आज 10 मार्च को करीब 40 पैसे मजबूत हुआ और यह 91.93 प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले सोमवार को रुपया 92.35 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था। रुपये में आई इस मजबूती ने भी निवेशकों की चिंता को कुछ हद तक कम किया।
4. वोलैटिलिटी इंडेक्स में गिरावट
शेयर बाजार की अस्थिरता भी मंगलवार को कम होती दिखाई दी। इंडिया VIX, जिसे बाजार का ‘फियर इंडेक्स’ कहा जाता है, मंगलवार को करीब 13 प्रतिशत गिरकर 20.34 के स्तर पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
चार्ट्स से क्या मिल रहे संकेत?
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट्स, आनंद जेम्स के मुताबिक, “निफ्टी ने 24,000 के ऊपर बंद होकर तेजी की उम्मीद को फिर से मजबूत किया है। हालांकि आज की तेजी 24,300 से 24,370 के दायरे तक सीमित रह सकती है, जिसके बाद कुछ समय के लिए बाजार में स्थिरता या हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। अगर निफ्टी इस स्तर को मजबूती से पार कर लेता है तो अगला टारगेट 25,000 हो सकता है।”
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