RBL Bank और Cholamandalam Investment के शेयरों में आज 17 दिसंबर को 3 फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई। आरबीएल बैंक के शेयर 3.02 फीसदी गिरकर 166.90 रुपये के भाव पर बंद हुए हैं। इसके अलावा, चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट के शेयरों में 3.10 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 1246.10 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। दरअसल, ये दोनों ही शेयर आज फोकस में थे। ब्रोकरेज फर्म ने इन कंपनियों की ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और मार्जिन को लेकर चिंता जताई है। यही वजह है कि इन शेयरों में आज बिकवाली देखी गई।
RBL Bank पर ब्रोकरेज की राय
ब्रोकरेज फर्म सिटी ने आरबीएल बैंक की एसेट क्वालिटी, खास तौर पर इसके माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में चुनौतियों पर बात की। ब्रोकरेज के अनुसार, कई बकेट्स में बैंक के स्पेशल मेंशन अकाउंट्स (SMA) चिंताजनकर ट्रेंड देखे गए:
इन सभी कैटेगरी में बैंक की कलेक्शन एफिशिएंसी 98 फीसदी से कम बनी हुई है, जो तीसरी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर) और चौथी तिमाही (जनवरी से मार्च) में स्लिपेज और क्रेडिट कॉस्ट पर स्पिलओवर इफेक्ट को दिखाती है। सिटी को क्रेडिट कार्ड स्लिपेज में मामूली सुधार की उम्मीद है, लेकिन इनके लॉन्ग टर्म एवरेज से अधिक रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है और चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में इसमें कमी आ सकती है।
बढ़े हुए तनाव, अनसिक्योर्ड लोन सेगमेंट में मंदी और सीमित पूंजी ने आरबीएल बैंक को ग्रोथ के बजाय रिटर्न ऑन एसेट (RoA) को प्राथमिकता देने के लिए मजबूर किया है। नतीजतन, सिटी को अब वित्त वर्ष 25 के लिए कम डबल डिजिट ग्रोथ रेट की उम्मीद है, जबकि बैंक ने पहले 18-20 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान लगाया था। हालांकि, चुनौतियों के बावजूद, सिटी ने आरबीएल बैंक पर ₹255 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी है।
Cholamandalam Investment के टारगेट प्राइस में कटौती
इनक्रेड ने चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट के शेयर को 'ऐड' से 'होल्ड' कर दिया और टारगेट प्राइस को ₹1550 प्रति शेयर से घटाकर ₹1300 कर दिया। ब्रोकरेज ने धीमी ग्रोथ और बढ़ती एसेट क्वालिटी चिंताओं के बीच यह निर्णय लिया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट में कमजोर मांग और बढ़ते डिस्काउंट्स से वितरण पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसने माइक्रोफाइनेंस बॉरोअर्स और यूज्ड कमर्शियल व्हीकल खरीदने वाले ग्राहकों के बीच ओवरलैप को देखते हुए एसेट क्वालिटी को लेकर भी चिंता जताई।
हालांकि ब्याज दर में कमी से NIM को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि यह बेनिफिट हायर कलेक्सन कॉस्ट और बढ़े हुए ऑपरेटिंग खर्च (ओपेक्स) से ऑफसेट हो सकता है। इसके चलते इनक्रेड ने अगले कुछ वित्तीय वर्षों में अपनी आय अनुमानों में 3.5%-5.5% की कटौती की है।
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