Sun Pharma Shares: फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी सन फार्मा के शेयरों में आज बिकवाली का ऐसा दबाव पड़ा कि यह 5% से अधिक टूट गए। इसके शेयरों पर यह दबाव ट्रंप सरकार के एक ऐलान के चलते आया। ट्रंप सरकार ने दवा कंपनियों को लेकर अपनी योजना का ऐलान तिया कि फार्मा कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए। मार्केट कैप के हिसाब से देश की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी सन फार्मा भी बिकवाली के इस दबाव नहीं बच सकी और इसके शेयर फिसल गए। निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया। फिलहाल बीएसई पर यह 4.32% की गिरावट के साथ ₹1653.80 पर है। इंट्रा-डे में यह 5.40% टूटकर ₹1635.05 तक आया था। पिछले साल 2 मई 2025 को यह एक साल के हाई ₹1850.95 पर था जिससे चार ही महीने में यह 16.41% टूटकर एक साल के निचले स्तर ₹1547.25 पर आ गया।
ट्रंप सरकार के किस ऐलान ने बनाया दबाव?
न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप सरकार की योजना ऐसी दवा कंपनियों पर टैरिफ लगाने की है जिन्होंने अमेरिकी में कम दाम की गारंटी देने वाली डील नहीं की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ समय पहले आयात होने वाली ब्रांडेड दवाईयों और पेटेंटेड दवाईयों पर 100% की दर से टैरिफ लगाने की बात कही थी। इसके चलते कई कंपनियों ने अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने और स्टॉक जमा करने पर जोर दिया। फाइजर और एस्ट्राजेनेका जैसी कंपनियों ने ट्रंप प्रशासन के साथ डील कर ली जिससे उन्हें कई वर्षों के लिए टैरिफ से छूट मिल गई। जॉनसन एंड जॉनसन और मर्क जैसी कंपनियों ने भी डील की है और उन्होंने अमेरिका में अपना कारोबार बढ़ाने और नए TrumpRx.gov प्लेटफॉर्म को लेकर प्रतिबद्धता जताई है। जिन कंपनियों ने सौदे नहीं किए हैं, उन पर 100% टैरिफ लागू होगा, लेकिन कुछ बीमारियों और दवाओं को छूट दी जाएगी।
Sun Pharma पर क्यों पड़ा अधिक असर?
ट्रंप सरकार अब फार्मा कंपनियों पर जिस सख्ती को लेकर योजना बना रही है, उसका सन फार्मा को अधिक झटका इसलिए लगा क्योंकि ब्रांडेड दवाईयों के मामले में यह भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। वित्त वर्ष 2025 में सन फार्मा की अमेरिकी बिक्री 5.8% बढ़कर ₹16,200 करोड़ हो गई, जो कुल बिक्री का 31% है। अमेरिका में इसका कारोबार कंपनी के स्पेशलिटी पोर्टफोलियो के कारण हुई। वित्त वर्ष 2025 में सन फार्मा ने अपने रेवेन्यू का 20% हिस्सा इनोवेटिव मेडिसिन पोर्टफोलियो से हासिल किया, जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह 18% था।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।