वोडाफोन ग्रुप (Vodafone Group) ने एक दिन पहले 19 जून को इंडस टावर्स (Indus Towers) में अपनी करीब 18 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी। इस बिक्री के पीछे मुख्य वजह 5 साल पहले लिए गए एक लोन को बताया जा रहा है, जिसके भुगतान के लिए लेंडर्स लगातार वोडाफोन ग्रुप पर दबाव डाल रहे थे। वोडाफोन ग्रुप और उसके लेंडर के बीच हुए बाततीच से वाकिफ एक सूत्र ने बताया कि यह मामला तब और बिगड़ गया, जब BNP परिबास, HSBC और बैंक ऑफ अमेरिका वाले विदेशी बैंकों के एक समूह ने लोन की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया और लोन की पूरी अदायगी की मांग की।
