एक कप कॉफी की कीमत भले ही 40 रुपये हो, लेकिन अगर ग्राहक लगातार मिलते रहें तो यही छोटी बिक्री बड़ा आंकड़ा बना सकती है। इसी गणित को परखने के लिए कंटेंट क्रिएटर देवांश त्यागी ने कॉर्पोरेट ऑफिस के बाहर एक दिन के लिए कॉफी स्टॉल लगाया। मकसद था यह देखना कि ऑफिस जाने वाले लोगों के बीच कॉफी बेचकर एक दिन में कितनी बिक्री की जा सकती है। सुबह स्टॉल शुरू हुआ तो धीरे-धीरे ग्राहक आने लगे। कभी बिक्री धीमी हुई तो कभी ऑफिस ब्रेक और शाम की भीड़ ने रफ्तार बढ़ा दी। दिन खत्म होते-होते सामने आया 450 कप का आंकड़ा, जिसने इस छोटे से प्रयोग को चर्चा में ला दिया।
