Wipro Share Buyback: विप्रो के शेयर बायबैक से इनवेस्टर्स को कितना फायदा हो सकता है? यहां जानिए पूरा कैलकुलेशन

Wipro Share Buyback: विप्रो ने 16 अप्रैल को 15,000 करोड़ रुपये के बायबैक का ऐलान किया। कंपनी ने बायबैक के लिए प्रति शेयर 250 रुपये की कीमत तय की है। 16 अप्रैल के शेयर क्लोजिंग प्राइस से यह 19 फीसदी ज्यादा है। 17 अप्रैल को विप्रो के शेयरों में गिरावट दिखी

अपडेटेड Apr 17, 2026 पर 2:21 PM
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यह विप्रो का अब तक का सबसे बड़ा शेयर बायबैक ऑफर है।
     
     
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    Wipro Share Buyback: विप्रो ने 15,000 करोड़ रुपये के शेयर बाायबैक प्रोग्राम का ऐलान किया है। कंपनी ने बायबैक के लिए प्रति शेयर 250 रुपये की कीमत तय की है। 16 अप्रैल के शेयर क्लोजिंग प्राइस से यह 19 फीसदी ज्यादा है। 17 अप्रैल को विप्रो के शेयरों में गिरावट दिखी। 1:30 बजे शेयर 3 फीसदी गिरकर 203 रुपये चल रहा था। सवाल है कि इनवेस्टर्स के लिए यह बायबैक कितना फायदेमंद है?

    एक्सेप्टेंस रेशियो पर निर्भर करेगा फायदा

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बायबैक में हिस्सा लेने से होने वाला फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि आपके कितने शेयर बायबैक में एक्सेप्ट किए जाते हैं। स्टॉकीफाय के फाउंडर और सीईओ पीयूष झुनझुनवाला ने कहा, "अगर यह मान लिया जाए कि किसी इनवेस्टर के पास विप्रो के 50 शेयर हैं तो इस बायबैक में हिस्सा लेने से उसे 2,000 रुपये का फायदा हो सकता है। अगर निवेशक के पास 100 शेयर हैं तो उसे 4,000 रुपये और अगर उसके पास 500 शेयर हैं तो उसे 20,000 रुपये का फायदा हो सकता है।"


    बायबैक कीमत 16 अप्रैल के क्लोजिंग प्राइस से 40 रुपये ज्यादा

    यह कैलकुलेशन सिंपल है। कंपनी ने शेयर बायबैक के लिए प्रति शेयर 250 रुपये की कीमत तय की है। 16 अप्रैल को विप्रो का शेयर 210 रुपये पर बंद हुआ था। इसका मतलब है कि बायबैक की कीमत प्रति शेयर 40 रुपये ज्यादा है। अगर किसी इनवेस्टर के पास विप्रो के 50 शेयर हैं, और उसके सभी शेयर एक्सेप्ट हो जाते हैं तो उसे 20,000 रुपये का फायदा होगा। इसका फॉर्मूला इस तरह है:

    50 शेयर × 40 रुपये = 2,000 रुपये

    100 शेयर × 40 रुपये = 4,000 रुपये

    500 शेयर × 40 रुपये = 20,000 रुपये

    एक्सेप्टेंस रेशियो इनवेस्टर्स की उम्मीद से काफी कम

    हालांकि, झुनझुनवाला ने कहा कि कंपनियों की बायबैक हिस्ट्री को देखने से पता चलता है कि एक्सेप्टेंस रेशियो इनवेस्टर की उम्मीद से काफी कम रहता है। ज्यादातर मामलों में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए यह रेशियो 15 से 25 फीसदी के बीच रहता है। अगर एक्सेप्टेंस रेशियो 20 फीसदी मान लिया जाए तो टैक्स से पहले 50 शेयर वाले इनवेस्टर को 400 रुपये, 100 शेयर वाले इनवेस्टर को 800 रुपये और 500 शेयर वाले इनवेस्टर को 4,000 रुपये का फायदा हो सकता है।

    एक्सेप्टेंस रेशियो 15-25 फीसदी के बीच रहता है

    आम तौर पर कंपनियों शेयर बायबैक प्रोग्राम में इनवेस्टर की तरफ से ऑफर होने वाले पूरे शेयर को बायबैक नहीं करती हैं। उदाहरण के लिए अगर आपके पास Wipro के 100 शेयर हैं और 20 फीसदी शेयर एक्सेप्ट किए जाते हैं तो इसका मतलब है कि कंपनी सिर्फ 20 शेयर एक्सेप्ट करेगी। इस स्थिति में आपका कुल प्रॉफिट सिर्फ 800 रुपये (20 शेयर X 40 रुपये) होगा।

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    टैक्स की वजह से असल मुनाफा और कम हो जाता है

    अब हम टैक्स के मसले को समझ लेते हैं। शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स (अभी 20 फीसदी) के बाद मुनाफा और कम हो जाता है। उदाहरण के लिए अगर आपको बायबैक से कुल 800 रुपये मुनाफा होता है तो उस पर 160 रुपये टैक्स बनेगा। इससे असल मुनाफा 640 रुपये रह जाएगा। इसी तरह 4000 रुपये का मुनाफा घटकर 3,200 रुपये रह जाएगा। इसका मतलब है कि असर मुनाफा इनवेस्टर्स की उम्मीद से काफी कम रहेगा।

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