Yatharth Hospitals share: यथार्थ हॉस्पिटल्स एंड ट्रॉमा केयर सर्विसेज लिमिटेड के शेयर आज 21 जनवरी को लगातार 14वें दिन लाल निशान पर बंद हुए हैं। इस दौरान कंपनी के शेयरों में करीब 26 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। यह स्टॉक BSE पर आज करीब 0.97 फीसदी की गिरावट के साथ 434 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। जनवरी के महीने में लगभग हर कारोबारी सेशन में इस शेयर में गिरावट आई है, 1 जनवरी यानी नए साल के दिन को छोड़कर। इस गिरावट के साथ कंपनी का मार्केट कैप घटकर 4097.47 करोड़ रुपये पर आ गया है। स्टॉक का 52-वीक हाई 692.85 रुपये और 52-वीक लो 366.30 रुपये है।
Yatharth Hospitals का शेयर QIP इश्यू प्राइस से 30% टूटा
आज मंगलवाल की गिरावट के साथ यथार्थ हॉस्पिटल्स का शेयर अपने उस इश्यू प्राइस से 30 फीसदी से अधिक गिर चुका है, जिस पर उसने हाल ही में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के तहत इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को शेयर बेचे थे।
पिछले साल 24 दिसंबर को पूरी हुई अपनी फंड रेजिंग प्रक्रिया के तहत यथार्थ हॉस्पिटल्स ने सिटीग्रुप, सोसाइटी जनरल और अन्य इंस्टीट्यूशंस को शेयर बेचकर 625 करोड़ रुपये जुटाए थे। यथार्थ हॉस्पिटल्स ने इन इंस्टीट्यूशंस को ₹595 प्रति शेयर के हिसाब से शेयर जारी किए थे।
Yatharth Hospitals पर ब्रोकरेज ने खत्म किया कवरेज
पिछले हफ्ते, ब्रोकरेज फर्म Ambit ने यथार्थ हॉस्पिटल्स पर अपनी कवरेज समाप्त कर दी। इसका मुख्य कारण कंपनी के खिलाफ चल रही आयकर (IT) जांच को बताया गया है, जिसे Ambit ने "चिंता का विषय" कहा। आयकर विभाग ने अक्टूबर 2023 में यथार्थ हॉस्पिटल्स पर छापे मारे थे। ब्रोकरेज ने पहले यथार्थ हॉस्पिटल्स पर ₹760 का टारगेट प्राइस रखा था, साथ ही "Buy" की सिफारिश भी की थी।
एम्बिट ने अपने नोट में लिखा, "अधिकारियों द्वारा हाल ही में तीन सब्सिडियरी कंपनियों में कई संपत्तियों और इक्विटी शेयरों को जब्त करने का कदम चिंता का विषय है। संभावित नतीजों या प्रभाव का आकलन करने में हमारी असमर्थता को देखते हुए हम स्टॉक पर कवरेज ड्रॉप कर रहे हैं।"
यथार्थ हॉस्पिटल्स पर अक्टूबर 2023 में आयकर विभाग द्वारा छापेमारी की गई थी। यह जांच कंपनी की वित्तीय पारदर्शिता और कर अनुपालन पर सवाल खड़े करती है। इस मामले में अब तक जांच जारी है, और किसी स्पष्ट निष्कर्ष की अनुपस्थिति में निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।