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Yes Bank से आयकर विभाग ने मांगा ₹2209 करोड़ का टैक्स, आदेश के खिलाफ अपील की तैयारी

Yes Bank का मानना ​​है कि उसके पास इस मामले में अपनी स्थिति को उचित रूप से प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त आधार हैं। यस बैंक लागू कानून के तहत इस रीअसेसमेंट ऑर्डर के खिलाफ अपील और कार्यवाही करेगा। बैंक ने यह भी कहा है कि इस आदेश के कारण उसके फाइनेंशियल्स, ऑपरेशंस य अन्य गतिविधियों पर कोई प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना नहीं है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 30, 2025 पर 8:42 AM
Yes Bank से आयकर विभाग ने मांगा ₹2209 करोड़ का टैक्स, आदेश के खिलाफ अपील की तैयारी
यस बैंक का शेयर BSE पर 28 मार्च को 16.89 रुपये पर बंद हुआ।

प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक (Yes Bank) को असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए 2,209 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स डिमांड नोटिस मिला है। बैंक ने शेयर बाजारों को एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए इस बारे में बताया है। यस बैंक को लगता है कि यह मांग गलत है। बैंक ने कहा है कि उसे असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 144 के तहत 30 सितंबर, 2021 को एक आदेश मिला था। इसमें बैंक को पहले दाखिल आयकर रिटर्न में क्लेम किए गए रिफंड के अनुरूप रिफंड प्रदान किया गया था। संबंधित असेसमेंट ईयर को अप्रैल 2023 में आयकर विभाग ने रीओपन किया।

विभाग की नेशनल फेसलेस असेसमेंट यूनिट ने 28 मार्च, 2025 को रीअसेसमेंट ऑर्डर पास किया। इसमें कोई एडिशनल डिसअलाउएंसेज/एडिशंस नहीं किए गए हैं, ​यानि जिन ग्राउंड पर रीअसेसमेंट कार्यवाही शुरू की गई थी, उन्हें छोड़ दिया गया है। इस तरह, एक्ट के सेक्शन 144 के तहत पास ओरिजिनल असेसमेंट ऑर्डर में जिस कुल इनकम को असेस किया गया, वही रीअसेसमेंट ऑर्डर में भी बरकरार रही। नतीजतन बैंक के खिलाफ इनकम टैक्स की कोई मांग नहीं उठाई जानी चाहिए थी।

यस बैंक ने आगे कहा, 'लेकिन इसके बावजूद, एक्ट के सेक्शन 156 के तहत जारी कंप्यूटेशन शीट और डिमांड नोटिस में ब्याज समेत 2209.17 करोड़ रुपये की इनकम टैक्स डिमांड की गई है। यह पहली नजर में बिना किसी बेसिस के की गई डिमांड लगती है।'

आदेश के खिलाफ Yes Bank करेगा अपील

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