प्राइवेट सेक्टर के Yes Bank ने 9 दिसंबर को बताया कि उसे रिजर्व बैंक से दो लेटर मिले हैं। यह लेटर सीए बास्की इनवेस्टमेंट्स (CA Basque Investments) और वरवेंता होल्डिंग्स लिमिटेड (Verventa Holdings Limited) के साथ हो रही डील से जुड़ी है। Yes Bank फंड जुटाने के लिए निवेशकों से बातचीत कर रहा है। Yes Bank ने बताया, "फंड जुटाने की कोशिशों के तहत बैंक अपने निवेशकों से बात कर रहा है। इस मामले में रेगुलेटर की मंजूरी जरूरी है।"
एक डील की तरफ आगे बढ़ रहा Yes Bank
यस बैंक को दो कंपनियों के साथ डील को लेकर आरबीआई से लेटर्स मिले हैं तो एक और कंपनी के साथ डील पर वह आगे बढ़ रही जो इस महीने पूरा होना है। यस बैंक ने अपने 48 हजार करोड़ रुपये के बैड लोन को जेसी फ्लॉवर्स एआरसी को बेचने के लिए सौदा किया है। जेसी फ्लॉवर्स ने इस बैड लोन को 11183 करोड़ रुपये में खरीदा है। यह डील 15:85 नियम के तहत हुई है।
इसका मतलब है कि डील पूरा होने के बाद जेसी फ्लावर्स ARC पूरी राशि का 15% यस बैंक को एडवांस में कैश के रूप में देगी जबकि बाकी 85% राशि सिक्योरिटी रिसिप्ट्स के रूप में होगी। इस तरह दिसंबर तिमाही के नतीजों में यस बैंक के वित्तीय नतीजों में 1,677.45 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कैश देखने को मिल सकता है। साथ ही बैड लोन जेसी फ्लावर्स ARC को ट्रांसफर होने के बाद इसके लोन बुक काफी मजबूत हो सकता है।
यस बैंक की जेसी फ्लॉवर्स एआरसी में 9.9 फीसदी हिस्सेदारी है और अब उसकी योजना इसे बढ़ाकर 20 फीसदी करने की है। इसके लिए आरबीआई से मंजूरी लेनी होगी। बैंक के मुताबिक बैड लोन ट्रांसफर होने और कैश मिलने के बाद 20 फीसदी हिस्सेदारी के लिए आरबीआई से मंजूरी ली जाएगी।
Yes Bank के शेयरों में उठा-पटक जारी
यस बैंक के शेयरों में पिछले कुछ समय से उठा-पटक चल रही है। एक हफ्ते में इसने 20.40 रुपये का हाई और 17.30 रुपये का लो लेवल छुआ है यानी महज एक हफ्ते में ही इसने 15 फीसदी से अधिक का सफर तय किया। आज 9 दिसंबर को इसके शेयर एक साल के रिकॉर्ड हाई 20.40 रुपये पर पहुंचे है और करीब 9 महीने पहले यह 30 मार्च को 52 हफ्ते के रिकॉर्ड निचले स्तर 12.11 रुपये के भाव पर था यानी कि महज 9 महीने में ही इसने 68 फीसदी से अधिक रिटर्न दिया।