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Zacobite का वजूद ही नहीं है, फिर भी कंपनी ने किया सप्लाई का समझौता, जानिए इस महाफ्रॉड के बारे में

यह फ्रॉड ऊर्जा ग्लोबल (Urja Global) से जुड़ा है। इस कंपनी के एग्जिक्यूटिव्स को सेबी ने स्टॉक मार्केट में ऑपरेट करने से रोक दिया है। सेबी ने इस फ्रॉड के बारे में अपने ऑर्डर को अपनी वेबसाइट पर लोड किया है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 19, 2022 पर 1:37 PM
Zacobite का वजूद ही नहीं है, फिर भी कंपनी ने किया सप्लाई का समझौता, जानिए इस महाफ्रॉड के बारे में
सेबी अपनी जांच में यह कनफर्म नहीं कर सका है कि ऊर्जा के शेयरों में आए उछाल से उसके एग्जिक्यूटिव्स को फायदा हुआ था या नहीं। लेकिन, उसने इस कंपनी के चार एग्जिक्यूटिव्स को दो साल के लिए स्टॉक मार्केट में ऑपरेट करने से रोक दिया है।

स्टॉक मार्केट में अब तक कई फ्रॉड हो चुके हैं। इनमें हर्षद मेहता से लेकर को-लोकेशन स्कैम शामिल हैं। लेकिन, हम जिस स्कैम के बारे में बताने जा रहे हैं, उसके बारे में जानकर आप चौंक जाएंगे। आपने सोचा भी नहीं होगा कि आज के जमाने में कोई कंपनी ऐसा साहस कर सकती है।

यह फ्रॉड ऊर्जा ग्लोबल (Urja Global) से जुड़ा है। इस कंपनी के एग्जिक्यूटिव्स को सेबी ने स्टॉक मार्केट में ऑपरेट करने से रोक दिया है। सेबी ने इस फ्रॉड के बारे में अपने ऑर्डर को अपनी वेबसाइट पर लोड किया है। यह फ्रॉड करीब तीन साल पहले हुआ था। ज्यादातर लोगों को इस फ्रॉड के बारे में पता नहीं है। इसकी वजह यह है कि ऊर्जा ग्लोबल एक छोटी कंपनी है।

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उर्जा ग्लोबल ने जापान की कंपनी निप्पॉन शिनयाकु कंपनी लिमिटेड से समझौता किया था। उसने इस समझौते के बारे में 13 जुलाई, 2019 को बीएसई को बताया था। इसमें कहा गया था कि ऊर्जा ग्लोबल पांच साल तक निप्पॉन को एक प्रोडक्ट की सप्लाई करेगी, जिसका नाम Zacobite है। उसकी खरीद मूल्य 6.5 करोड़ डॉलर था। उसे (ऊर्जा) इस पर 10 फीसदी का कमीशन मिलने वाला था।

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