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Diwali Muhurat trading: मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए आज क्या हो निफ्टी रणनीति, संवत 2080 के लिए इन 10 शेयरों में लें पोजीशन

Ashika Group के विराज व्यास का कहना है कि इस वर्ष मुहूर्त ट्रेडिंग की रणनीति में 19,100 पीई का एक लॉट और 19,500 सीई का एक लॉट बेचना शामिल है। वर्तमान डेटा के मुताबिक यह रणनीति मुहूर्त के दिन पॉजिटिव रिटर्न दे सकती है इसकी 62 प्रतिशत संभावना है। वहीं आगे चलकर निफ्टी में 18,000 के स्तर तक हर गिरावट को 'buy on dips' की रणनीति की सलाह होगी

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Nov 12, 2023 पर 3:15 PM
Diwali Muhurat trading: मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए आज क्या हो निफ्टी रणनीति, संवत 2080 के लिए इन 10 शेयरों में लें पोजीशन
मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन शेयरों को खरीदने के लिहाज से विराज व्यास ने Cipla, Marksans Pharma, Maruti Suzuki, TVS Motor जैसे स्टॉक में पोजीशन लेने की सलाह दी

Diwali Muhurat trading: बाजार ने संवत 2079 में महत्वपूर्ण उपलब्धियों के साथ ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। विशेष रूप से 11 सितंबर, 2023 को निफ्टी 20,000 तक पहुंच गया। बीएसई सेंसेक्स 67,900 तक पहुंच गया। ये दोनों लेवल बाजार की ताकत और पॉजिटिव मोमेंटम को दर्शाते हैं। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप में 24 प्रतिशत और 31 प्रतिशत की दमदार बढ़त व्यापक आधार वाली तेजी की भावना का प्रदर्शन करती है। इसके साथ ही ये निवेशकों के विश्वास में वृद्धि का संकेत देती है। जैसे-जैसे हम संवत 2080 में आगे बढ़ रहे हैं, निवेशकों और बाजार पार्टिसिपेंट्स के बीच आशावाद कायम होने की संभावना बन रही है।

भारत के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 2014-2015 में 45.15 अरब डॉलर से बढ़कर 2021-2022 में 83.6 अरब डॉलर तक बढ़ गया। विदेशी निवेश का रिकॉर्ड उच्च स्तर तक बढ़ोत्तरी ने इस तेजी की भावना में योगदान दिया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रेट हाईक साइकल पर विराम की अटकलों ने पॉजिटिव मार्केट आउटलुक को और मजबूत किया।

हालांकि, अगले साल होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव बाजार में अतिरिक्त अस्थिरता ला सकते हैं। जबकि लंबी अवधि का रुझान तेजी का बना हुआ है। यह स्वीकार करना आवश्यक है कि बाजार में करेक्शन का भी अनुभव होता है। निफ्टी में 18,000 के स्तर तक हर गिरावट को 'गिरावट पर खरीदारी' ( 'buy on dips') माना जाता है।

संवत 2080 के लिए निवेश रणनीति ग्रोथ सेक्टर्स की पहचान करने और उनका लाभ उठाने के इर्द-गिर्द घूमती है। ये सेक्टर्स आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक कहानी को आकार देंगे।

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