जीरोधा फंड हाउस (Zerodha Fund House) के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ने 8000 करोड़ रुपये के मार्क को पार कर लिया है। इस फंड हाउस को लॉन्च हुए अभी 2 साल भी पूरे नहीं हुए हैं। यह जानकारी ऑनलाइन ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म जीरोधा के को-फाउंडर और CEO नितिन कामत (Nithin Kamath) ने दी है। उन्होंने इस बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली है। जीरोधा फंड हाउस, जीरोधा की एसेट मैनेजमेंट आर्म है।
जीरोधा फंड हाउस के ये पूरे AUM इंडीविजुअल इनवेस्टर्स से हासिल हुए हैं। यह फंड हाउस की पेशकशों में रिटेल इनवेस्टर्स की अच्छी दिलचस्पी को दर्शाता है। नितिन कामत ने फंड हाउस के AUM को लेकर एक चार्ट भी शेयर किया है।
कॉम्पिटीशन बढ़ने के बावजूद लगातार बढ़ रहा है फंड हाउस
X पर कामत ने पोस्ट में कहा, 'कॉम्पिटीशन बढ़ रहा है, नई AMC (एसेट मैनेजमेंट कंपनियां) बाजार में एंट्री कर रही हैं और मौजूदा AMC ज्यादा पैसिव फंड लॉन्च कर रही हैं। इसके बावजूद जीरोधा फंड हाउस लगातार बढ़ रहा है। हम रेगुलर प्लांस की पेशकश करके और कमीशन देकर अपने AUM को तेजी से बढ़ा सकते थे, लेकिन हमने सिर्फ डायरेक्ट-ओनली बने रहने और आसानी से समझ में आने वाले इंडेक्स फंड और ETFs (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) पर फोकस करने का विकल्प चुना है। जैसे कि हमारा हाल ही में लॉन्च किया गया मल्टी-एसेट फंड।'
F&O की वीकली एक्सपायरी बैन होने पर नहीं होगी हैरानी
इससे पहले हाल ही में नितिन कामत ने कहा था कि अगर F&O की वीकली एक्सपायरी आगे चलकर पूरी तरह बैन हो जाए, तो भी उन्हें हैरानी नहीं होगी। कामत के मुताबिक, बाकी लोगों की तरह उन्हें भी यह नहीं पता है कि वीकली ऑप्शंस का भविष्य क्या होगा। अगर वीकली एक्सपायरी को पूरी तरह बैन कर दिया जाए या फिर इन्हें किसी ऐसे प्रोडक्ट स्यूटेबिलिटी फ्रेमवर्क के तहत ला दिया जाए, जिससे आम लोगों के लिए F&O (फ्यूचर्स और ऑप्शंस) ट्रेड करना मुश्किल हो जाए, तो भी उन्हें हैरानी नहीं होगी।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।