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Zomato में लिस्टिंग के बाद 85 प्रतिशत की तेजी, JM Financial, UBS ने बाय रेटिंग के साथ शुरू की कवरेज

कंपनी का स्टॉक 50% से अधिक के प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था। इसके बाद इसमें और तेजी आई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 30, 2021 पर 3:49 PM
Zomato में लिस्टिंग के बाद 85 प्रतिशत की तेजी,  JM Financial, UBS ने बाय रेटिंग के साथ शुरू की कवरेज

फूड डिलीवरी कंपनी Zomato के स्टॉक में लिस्टिंग के एक सप्ताह में ही लगभग 85 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। यह स्टॉक 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी के साथ लिस्ट हुआ था। हालांकि, इस शेयर के अब बहुत तेजी से बढ़ने की संभावना कम है क्योंकि लिस्टिंग के बाद इस स्टॉक को बाय रेटिंग देने वाली अधिकतर ब्रोकरेज फर्मों को अगले एक वर्ष में  इसके 29 जुलाई के 141 रुपये के प्राइस से 17-20 प्रतिशत से अधिक बढ़ने की उम्मीद नहीं है।

Zomato का 9,375 करोड़ रुपये का पब्लिक ऑफर 14-16 जुलाई तक खुला था। इसे 38.25 गुणा सब्सक्रिप्शन मिला था। यह किसी बड़े IPO के लिए हाल के वर्षों में सबसे अधिक सब्सक्रिप्शन था।

इनवेस्टर्स को यह शिकायत हो सकती है कि जोमाटो का वैल्यूएशन इस सेगमेंट की ग्लोबल कंपनियों की तुलना में कुछ अधिक है लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी के लिए ग्रोथ की काफी संभावना है और इस वजह से प्रीमियम को गलत नहीं कहा जा सकता।

ब्रोकरेज फर्म UBS ने इस सप्ताह जोमाटो की कवरेज बाय रेटिंग के साथ शुरू की है और इसके लिए 165 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह 29 जुलाई को इसके क्लोजिंग प्राइस से लगभग 17 प्रतिशत अधिक है।

UBS को उम्मीद है कि जोमाटो को रेवेन्यू में 40 प्रतिशत से अधिक का CAGR मिल सकता है जिससे यह सबसे तेजी से बढ़ने वाली इंटरनेट कंपनियों में शामिल हो जाएगी। भारत में लगभग एक करोड़ यूजर्स और लगभग 7 करोड़ ऑनलाइन ऑर्डर्स के साथ कंपनी के लिए बिजनेस बढ़ाने का अच्छा मौका है।

एक अनुमान के अनुसार, देश में 2025 तक फूड सर्विसेज बिजनेस बढ़कर 110 अरब डॉलर का हो सकता है।

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