Zydus Lifesciences के शेयरों में 3% की तेजी, कंपनी की टाइफाइड वैक्सीन को WHO से मिली मंजूरी

Zydus Lifesciences ने बताया कि उसके टाइफाइड वैक्सीन ZyVac TCV को WHO की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के साथ स्वदेशी रूप से विकसित वैक्सीन अब यूनाइटेड नेशन एजेंसियों द्वारा खरीद के लिए पात्र है। कंपनी ने कहा कि वैक्सीन को अहमदाबाद में जायडस बायोटेक पार्क में डेवलप और मैन्युफैक्चर किया गया है

अपडेटेड Oct 23, 2024 पर 3:17 PM
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Zydus Lifesciences के शेयरों में आज 23 अक्टूबर को 3 फीसदी तक की तेजी देखी गई

Zydus Lifesciences share: जायडस लाइफसाइंसेज लिमिटेड के शेयरों में आज 23 अक्टूबर को 3 फीसदी तक की तेजी देखी गई। यह स्टॉक BSE पर इस समय 1.39 फीसदी की बढ़त के साथ 1001.95 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। दरअसल, कंपनी को उसके टाइफाइड वैक्सीन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मंजूरी मिल गई है। इस खबर के बीच कंपनी के शेयरों में खरीदारी देखी गई। आज की तेजी के साथ कंपनी के मार्केट कैप ने एक लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। स्टॉक का 52-वीक हाई 1,323.90 रुपये और 52-वीक लो 567.85 रुपये है।

Zydus Lifesciences ने एक्सचेंज फाइलिंग में क्या कहा?

जायडस लाइफसाइंसेज ने बताया कि उसके टाइफाइड वैक्सीन ZyVac TCV को WHO की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के साथ स्वदेशी रूप से विकसित वैक्सीन अब यूनाइटेड नेशन एजेंसियों द्वारा खरीद के लिए पात्र है। कंपनी ने कहा कि वैक्सीन को अहमदाबाद में जायडस बायोटेक पार्क में डेवलप और मैन्युफैक्चर किया गया है।


एक्सचेंजों को दी गई फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि ZyVac TCV साल्मोनेला टाइफी इन्फेक्शन के खिलाफ छह महीने से 65 वर्ष की आयु के लोगों के एक्टिव टीकाकरण के लिए है। Zydus ने कहा, "ZyVac TCV के लिए यह प्री-क्वालिफिकेशन इसे यूनाइटेड नेशन एजेंसियों के प्रोक्योरमेंट प्रोग्राम का हिस्सा बनने के योग्य बनाती है।"

हर साल 15 करोड़ खुराक खरीदती है UN एजेंसियां

UN की एजेंसियां ​​बीमारी को फैलने को रोकने के लिए सालाना लगभग 15 करोड़ खुराक टाइफाइड कंजुगेट वैक्सीन खरीदती हैं, खासकर भारत, अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया जैसे क्षेत्रों में। साल्मोनेला एंटरिका सेरोवर टाइफी (S. typhi) बैक्टीरिया के कारण होने वाला टाइफाइड फीवर दूषित भोजन और पानी से फैलता है। जायडस ने बताया कि दक्षिण एशिया में टाइफाइड से संबंधित मौतों में से 75% भारत में होती हैं।

GAVI (2022) के अनुसार टाइफाइड के कारण हर साल दुनिया भर में लगभग 1.1 से 2.1 करोड़ लोग बुखार से पीड़ित होते हैं और 117,000 से 161,000 लोगों की मौत होती है। WHO के टीकाकरण पर एक्सपर्ट्स के स्ट्रेटेजिक एडवाइजरी ग्रुप (SAGE) द्वारा रिव्यू किए गए डेटा से पता चला है कि टाइफाइड के 27% गंभीर मामले पांच साल से कम उम्र के बच्चों में होते हैं।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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