दुनियाभर के बैंकों को मजबूत करने के मकसद से बने बेसल नियमों के तीसरे चरण को लागू करने का वक्त काफी करीब आ गया है। आरबीआई ने बेसल-3 को लागू करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

दुनियाभर के बैंकों को मजबूत करने के मकसद से बने बेसल नियमों के तीसरे चरण को लागू करने का वक्त काफी करीब आ गया है। आरबीआई ने बेसल-3 को लागू करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
इन नियमों के तहत अब बैंकों को 1.5 लाख करोड़ रुपये ज्यादा कैपिटल की जरूरत होगी, हालांकि इसके लिए उन्हें काफी वक्त दिया गया है। बैंकों को बेसल-3 को 1 जनवरी 2013 से लेकर 31 मार्च 2018 तक धीरे-धीरे लागू करना होगा। बेसल-3 का मकसद बैंकों को मजबूत बनाना है, ताकि किसी भी वित्तीय संकट से उन्हें बचाया जा सके।
अगर बैंक बेसल-3 नियम नहीं मानते हैं तो बैंक शेयरधारकों को न तो बोनस और न ही डिविडेंड दे पाएंगे। इन नियमों को लागू करने के लिए सरकार को भी अपने बैंकों में भारी निवेश करना होगा। नए नियम लागू होने से बैंकों के मुनाफे और इकोनॉमी की ग्रोथ पर भी असर पड़ेगा।
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