वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने Antrix Devas मामले को लेकर प्रेस की और UPA सरकार पर निशाना साधा। वित्त मंत्री ने कहा कि यह एक धोखाधड़ी की डील थी और इससे डील से देश की जनता के साथ धोखाधड़ी की गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने Antrix Devas मामले को लेकर प्रेस की और UPA सरकार पर निशाना साधा। वित्त मंत्री ने कहा कि यह एक धोखाधड़ी की डील थी और इससे डील से देश की जनता के साथ धोखाधड़ी की गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने Antrix Devas मामले को लेकर प्रेस की और UPA सरकार पर निशाना साधा। वित्त मंत्री ने कहा कि यह एक धोखाधड़ी की डील थी और इससे डील से देश की जनता के साथ धोखाधड़ी की गई।
'कांग्रेस का, कांग्रेस के लिए और कांग्रेस द्वारा किया गया धोखा'
देवास-एंट्रिक्स मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कहती हैं, "यह कांग्रेस का, कांग्रेस के लिए और कांग्रेस द्वारा धोखा है।"
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि एंट्रिक्स डील को रद्द करने के खिलाफ देवास शेयर होल्डर्स की दलीलों पर आर्बिटेशन ट्रिब्यूनल्स ने 1.2 बिलियन अमरीकी डालर से ज्यादा लागत और ब्याज दिया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि सरकार हर अदालत में लड़ रही है, ताकि देवास एंट्रिक्स डील फ्रॉड से बच न सकें। हम टैक्सपेयर्स के पैसे बचाने के लिए लड़ रहे हैं, जो इस धोखेधड़ी वाली एंट्रिक्स-देवास डील में चला जता।
'एंट्रिक्स-देवास सौदा राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ था'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पता चलता है कि कैसे यूपीए सरकार ग़लत कामों में लिप्त थी। एंट्रिक्स-देवास सौदा राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ था। अब कांग्रेस पार्टी की बताना चाहिए कि भारत के लोगों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी कैसे की गई।
निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर लगाया S-Band स्पेक्ट्रम बेचने का आरोप
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस की अगुवाई वाली UPA सरकार पर पावर का गलत इस्तेमाल करके S-Band स्पेक्ट्रम बेचने का आरोप लगाया है, जबकि इसका इस्तेमाल नेशनल सिक्योरिटी के लिए किया जाता था।
क्या S-Band?
S-Band 2 से 4 गीगाहर्ट्ज वाले स्पेक्ट्रम फ्रीक्वेंसी का हिस्सा हैं। इसका इस्तेमाल खासतौर पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए एयर सर्विलांस रडार, वेदर रडार, सरफेस शिप रडार के लिए किया जाता है। इसका कुछ हिस्सा कम्युनिकेशंस सैटेलाइट के तौर पर होता है, जिसका इस्तेमाल NASA स्पेस शटल और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में बात करने के लिए करता है।
यह डील देश के लोगों के साथ धोखा थी- वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ने कहा कि 2005 में Antrix और Devas के बीच यह डील हुई थी। यह देश और देश के लोगों के साथ धोखा था।
वित्त मंत्री ने कहा, "इस तरह वेबलेंथ, सैटेलाइट या स्पेक्ट्रम बैंड की बिक्री करना, इसे निजी कंपनियों को बेचकर फंड जुटाना कांग्रेस सरकार की खासियत रही है।"
2005 में यूपीए सरकार के दौरान एंट्रिक्स ने देवास के साथ समझौता किया था। यह एक धोखाधड़ी का सौदा था। यूपीए सरकार ने 2011 में रद्द कर दी थी यह डील: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
SC ने फंड जुटाने के फैसले को रखा बरकरार- वित्त मंत्रीरी
वित्त मंंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने देवास मल्टीमीडिया के लिक्विडेशन यानी इसे बेचकर फंड जुटाने के फैसले को बरकरार रखा है।
यह धोखाधड़ी का सौदा था- निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं देवास-एंट्रिक्स मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बात करना चाहती हूं। सुप्रीम कोर्ट ने व्यापक आदेश दिया है। UPA(संयुक्त प्रगतशील गठबंधन) ने 2011 में यह सौदा रद्द कर दिया था। यह धोखाधड़ी का सौदा था।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि तत्कालीन टेलीकॉम मंत्री कपिल सिब्बल ने इस पर प्रेस कॉन्फ्रेस की थी, लेकिन उनकी ओर से इस मामले पर कैबिनेट नोट तक का जिक्र तक नहीं किया गया था।
वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में संसाधनों का सिर्फ दुरुपयोग हुआ है।
निर्मला सीतारण की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू
निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू। वित्त मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश अंतरिक्ष देवास को लेकर आया। इसके पहले एनसीएलटी ने लिक्विडेशन का आदेश जारी किया था। देवास ने इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और उसने NCLT के आदेश को सही ठहराया।
तब इसरो सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन होने के नाते इस डील पर साल 2005 से लेकर 2010 तक काफी सवाल खड़े किये गये और बहुत बवाल मचा था और अंत में ये डील रद्द कर दी गई थी जिसके बाद देवास मल्टीमीडिया ने इसके बदले बहुत भारी मुआवजे की मांग की थी और एनसीएलएटी द्वारा उनके विरोध में फैसला किये जाने के बाद कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन वहां भी देवास मल्टीमीडिया को निराशा हाथ लगी है।
क्या है यह मामला?
ये मामला सन 2005 का है भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation(ISRO) और देवास मल्टीमीडिया के बीच एक डील हुई थी जिसमें इसरो द्वारा देवास मल्टीमीडिया के लिए 2 सैटेलाइट लॉन्च किये जाने थे। ये सैटेलाइट टेलीकॉम सेक्टर के लिए लॉन्च किये जाने थे जो काफी कम फ्रीक्वेंसी पर लॉन्च होने थे जिससे कंपनी को बहुत कम टॉवर लगाने की जरूरत पड़ती।
अपने फैसले के तहत NCLAT ने Devas मल्टीमीडिया बंद करने को कहा है जिसको सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी और अब देश की सर्वोच्च अदालत ने भी एनसीएलएटी के फैसले पर मुहर लगा दी है। माना जा रहा है कि SC के फैसले से भारत का पक्ष मजबूत होगा और इतना ही नहीं इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन में भी भारत का पक्ष मजबूत होगा। सरकार द्वारा ये केस अपने पक्ष में आने पर वित्त मंत्री द्वारा आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके देवास मल्टीमीडिया पर चर्चा की जा सकती है और प्रेस को ब्रीफ किया जा सकता है।
सीएनबीसी-आवाज़ को एक्सक्लूसिव सूत्रों से जानकारी मिली है कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस को Budget 2022 से संबंधित किसी घोषणा से लेकर देखने की जरूरत नहीं है। सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने सूत्रों के हवाले से कहा कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये जजमेंट को लेकर आयोजित की जा रही है जिसमें सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने देवास मल्टीमीडिया (Devas Multimedia) के मामले में एनसीएलएटी (NCLAT) के फैसले को बरकरार रखा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 4.30 बजे खास प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली हैं। आमतौर पर बजट से एक पखवाड़ा पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का चलन नहीं है इसलिए आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस काफी खास है।