मालदा जिले के बाजारों में शहर के रथबाड़ी दैनिक बाजार से लेकर गांवों के हाट तक खरीदारों और विक्रेताओं दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ी हैं।(Photo: Canva)
मालदा जिले में हुई भारी बारिश और बाढ़ की वजह से खेती को काफी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं, जिससे उत्पादन कम हो गया है। (Photo: Canva)
जिसके वजह से मजबूरी में व्यापारियों को ज्यादातर सब्जियां बाहर से मंगानी पड़ रही हैं, जिसकी वजह से लाने का किराया भी बढ़ गया है।(Photo: Canva)
सब्जी बेचने वालों के मुताबिक स्थानीय आपूर्ति घटने और बाहर से सब्जियां आने की वजह से कीमतों में उछाल आया है। उनके मुताबिक, मुनाफा बनाए रखने के लिए ऊंचे दाम लेने पड़ रहे हैं। (Photo: Canva)
मालदा मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के जिला अध्यक्ष उज्ज्वल साहा ने लोकल 18 में बताया कि नदी किनारे की कृषि जमीनें जलमग्न होने से किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं, यहां तक कि कटी हुई सब्जियां भी पानी में डूबी रह गई हैं।(Photo: Canva)
व्यापारियों के मुताबिक, बाहर से सब्जियों की सप्लाई बढ़ाकर जल्द ही बाजार को स्थिर करने की कोशिश की जाएगी। (Photo: Canva)
फिलहाल मालदा शहर में आलू 20 रूपया किलो, प्याज 30 रूपया, रतालू 60 रूपया, भिंडी और झींगा 50-50 रूपया, बैंगन 60 रूपया, मिर्च 200 रूपया,लहसुन 200, अदरक 120 रूपया और करेला 40 रूपया किलो बिक रहे हैं। (Photo: Canva)
आम लोगों के लिए रोजमर्रा की खरीदारी अब महंगी साबित हो रही है। एक खरीदार ने कहा कि जहां पहले 100 रूपया में पूरा थैला भर जाता था, अब वही 500 रूपया से ऊपर पहुंच रहा है।(Photo: Canva)