
Pele Passes Away: 'गैसोलिना', 'द ब्लैक पर्ल' और 'ओ री' (द किंग) जैसे विभिन्न नामों से पुकारा जाने वाला उपनाम 'पेले' के लिए उनसे गोंद की तरह चिपक गया। दुनिया ने अब तक के सबसे महान फुटबॉलर को 'पेले' नाम से ही जाना। इसी नाम के साथ उन्होंने दुनिया को सबसे प्यारे और चहेते स्पोर्ट्स स्टार के रूप में छोड़ दिया।
Pele Passes Away: 82 वर्षीय पेले का ब्राजील के साओ पाउलो में एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह कैंसर से संबंधित जटिलताओं से जूझ रहे थे। लगभग एक महीने भर्ती रहने के बाद अंतिम सांस ली।
Pele Passes Away: खेल जगत के पहले वैश्विक सुपरस्टार में से एक पेले की लोकप्रियता भौगोलिक सीमाओं में नहीं बंधी थी। पेले का जन्म 1940 में हुआ था। वह फुटबॉल की लोकप्रियता को चरम पर ले जाकर उसका बड़ा बाजार तैयार करने वाले पुरोधाओं में से रहे।
Pele Passes Away: सितंबर 2021 में उनकी बड़ी आंत में बने ट्यूमर को ऑपरेशन कर हटा दिया गया था। न तो उनके परिवार और न ही डॉक्टरों ने समझा कि यह अन्य अंगों में भी फैल गया है। उनका इस समय 'किडनी और कार्डियक डिसफंक्शन' से संबंधित इलाज चल रहा था।
Pele Passes Away: फुटबॉल की विश्व शासी निकाय फीफा द्वारा 'महानतम' का लेबल, 1999 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा 'एथलीट ऑफ द सेंचुरी' का नाम दिया गया। वहीं, टाइम मैगजीन की 20वीं सदी के 100 सबसे महत्वपूर्ण लोगों की सूची में शामिल पेले को 2000 में विश्व खिलाड़ी का वोट दिया गया था।
Pele Passes Away: वह इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फुटबॉल हिस्ट्री एंड स्टैटिस्टिक्स द्वारा सेंचुरी और फीफा प्लेयर ऑफ द सेंचुरी अवार्ड के दो संयुक्त विजेताओं में से एक थे। लेकिन दुनिया भर में खेल के लाखों फैंस के लिए पेले पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने फुटबॉल जोगो बोनिटो को 'सुंदर खेल' बनाया।
Pele Passes Away: फुटबॉल खेलना अगर कला है तो उनसे बड़ा कलाकार दुनिया में शायद कोई दूसरा नहीं हुआ। तीन विश्व कप खिताब, 784 मान्य गोल और दुनिया भर के फुटबॉलप्रेमियों के लिये प्रेरणा का स्रोत बने पेले उपलब्धियों की एक महान गाथा छोड़कर विदा हुए।
Pele Passes Away: वह विश्व फुटबॉल के मूल नंबर 10 थे, एक नंबर जो अब लियोनेल मेसी और काइलियन एम्बापे द्वारा खेला जाता है। वह प्रतिभा के साथ खेल खेलने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे और इतने अजेय थे कि कई डिफेंडरों के सामने उन्हें फाउल करना ही एकमात्र विकल्प था।
Pele Passes Away: उदात्त कौशल के खिलाड़ी, मैदान में महान उपस्थिति, बेदाग स्थिति की समझ, जादुई ड्रिब्लिंग कौशल, दो शानदार पैर और एक विनाशकारी शक्तिशाली शॉट, दाएं पैर से खेलने वाले पेले एकमात्र ऐसे फुटबॉलर थे, जिन्होंने तीन बार- 1958, 1962 और 1970 में विश्व कप जीता।
Pele Passes Away: खुद को फुटबॉल का बीथोवन कहने वाले पेले के फन में ऐसी कशिश थी कि दुनिया को इस खूबसूरत खेल से प्यार हो गया। भ्रष्टाचार, सैन्य तख्तापलट और दमनकारी सरकारों को झेल रहे ब्राजील जैसे देश को पेले ने फुटबॉल के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई।
Pele Passes Away: पेले की लोकप्रियता का आलम यह था कि 1977 में जब वह कोलकाता आए तो मानों पूरा शहर थम गया था। वह 2015 और 2018 में भी भारत आए थे। पेले ने 1958 में अपने पहले ही विश्व कप में ब्राजील की छवि बदलकर रख दी।