
ईरान के तमाम शहरों के बाद राजधानी तेहरान में भी प्रदर्शन हो रहे हैं। महिलाओं की मांग है कि हिजाब को अनिवार्य की जगह वैकल्पिक किया जाए। महसा अमिनी की मौत के विरोध में ईरानी महिलाएं अपना हिजाब उतार रही हैं और अपने बाल काट रही हैं। (फोटो- न्यूज 18)
ईरानी महिलाओं के विरोध-प्रदर्शन का वीडियो दुनियाभर में वायरल हो रहा है। महसा अमिनी अपने परिवार के साथ कुछ दिन पहले ईरान की राजधानी तेहरान की यात्रा पर थीं। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया क्योंकि उन्होंने हिजाब नहीं पहना था। (फोटो- न्यूज 18)
ईरान में सख्त ईस्लामी ड्रेस कोड लागू है, जिसमें सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं का हेडस्कार्फ पहनना अनिवार्य है। पीड़िता के परिवार के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पहले स्वस्थ अमिनी को गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद कोमा में अस्पताल ले जाया गया था और अब बाद में हमे बताया गया कि उसकी मौत हो गई है। (फोटो- न्यूज 18)
महसा अमीनी की शुक्रवार 16 सितंबर को मौत हो गई थी। चश्मदीदों का कहना है कि तेहरान में अमीनी की गिरफ्तारी के बाद उन्हें वैन में पीटा गया था लेकिन पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है। अमीनी के अंतिम संस्कार के समय कथित तौर पर कुछ महिलाओं ने विरोध स्वरूप अपने हिजाब उतार दिए जबकि ईरान में हिजाब पहनना अनिवार्य है। (फोटो- न्यूज 18)
पीड़ित परिवार का कहना है कि उसके थाने पहुंचने और अस्पताल जाने के बीच क्या हुआ यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पिछले कुछ सालों से ईरान में हिजाब के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जोर पकड़ रहा है। कई महिलाओं ने बिना सिर ढके सार्वजनिक रूप से हिजाब के खिलाफ विरोध करने का अभूतपूर्व कदम उठाया है।
अमिनी की मौत ने हिजाब के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों को एक बार फिर हवा दे दी है। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें प्रदर्शनकारी 'तानाशाह मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे हैं और बाद में पुलिस उन पर जवाबी कार्रवाई कर रही है।
सेंट्रल तेहरान और ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहाद में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। महिलाएं सरकार के खिलाफ नारे लगा रही हैं और अपने हिजाब उतार डाले। प्रदर्शन तेज होने के बाद पुलिस ने कई जगहों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है।
ईरान पुलिस ने महसा अमिनी की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार दिया है। साथ ही पुलिस ने इस बात का भी खंडन किया है कि हिरासत के दौरान महसा को शारीरिक चोट पहुंचाई गई थी। एक अधिकारी ने कहा कि इस मामले में ईरान पुलिस पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।