हर तीसरे भारतीय का बैंक खाता बंद पड़ा है! वर्ल्ड बैंक की आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

वर्ल्ड बैंक की नई रिपोर्ट Global Findex 2025 के मुताबिक, भारत में हर तीन में से एक व्यक्ति का बैंक खाता निष्क्रिय है। यानी पिछले 12 महीनों में उसमें कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा बाकी विकासशील देशों के मुकाबले सात गुना ज्यादा है। जानिये इसके कारण..

अपडेटेड Jul 21, 2025 पर 17:56
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भारत में हर तीन में से एक व्यक्ति का बैंक खाता निष्क्रिय है।
भारत में हर तीन में से एक व्यक्ति का बैंक खाता निष्क्रिय है।

चौंकाने वाली रिपोर्ट!
हर 3 में से 1 भारतीय का बैंक अकाउंट डिएक्टिवेट है।
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट Global Findex 2025 में ये खुलासा हुआ है।

निष्क्रिय बैंक खाता मतलब क्या?
ऐसा खाता जिसमें 12 महीने तक कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुआ हो, उसे बैंक Dormant यानी निष्क्रिय मानते हैं।

भारत में कितने खाते निष्क्रिय?
रिपोर्ट के मुताबिक, 35% भारतीयों के खाते निष्क्रिय हैं।
यह औसतन अन्य विकासशील देशों से 7 गुना ज्यादा है।

जनधन योजना की भूमिका
जनधन योजना से करोड़ों नए खाते तो खुले, लेकिन उनमें से कई इस्तेमाल नहीं हो रहे।
रिपोर्ट में इसकी बड़ी वजह बताई गई है।

क्यों नहीं हो रहा इस्तेमाल?
लगभग 50% लोगों ने कहा कि बैंक दूर हैं। बैंक पर भरोसा नहीं। खाते की जरूरत नहीं लगती। लगभग 40% लोगों ने कहा, खाते में पैसे डालने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसे ही नहीं हैं।

पैसे की भी है कमी
करीब 30% लोग बैंक अकाउंट खुद से चलाने में सहज नहीं हैं। डिजिटल ज्ञान की कमी बड़ी वजह हो सकती है। रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं के निष्क्रिय खाते पुरुषों से औसतन 5% ज्यादा हैं।

दूसरे देशों में क्या हाल है?
विकासशील देशों में सिर्फ 13% खातेदारों के खाते निष्क्रिय हैं।
अमीर देशों में लगभग सभी खाते एक्टिव हैं।

सरकार और बैंकों को लोगों के लिए बैंकिंग सुविधाएं आसान बनानी होंगी। डिजिटल ट्रेनिंग देनी होगी। और जरूरतमंदों तक सही वित्तीय जानकारी देनी होगी।