इस साल वासंतिक नवरात्र 30 मार्च 2025, रविवार से शुरू होगा और इसी दिन हिंदू नव वर्ष "कालयुक्त" संवत्सर की भी शुरुआत होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार मां दुर्गा हाथी (गज) पर सवार होकर आएंगी, जो सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और राष्ट्र की उन्नति का संकेत देता है। लेकिन नवरात्र की समाप्ति पर माता महिष (भैंसे) पर सवार होकर प्रस्थान करेंगी, जिसे शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि ये संकट, प्राकृतिक आपदाओं और रोगों के बढ़ने का संकेत देता है। इस संवत्सर के राजा और मंत्री सूर्यदेव होंगे, जिससे राजनीति और प्रशासन में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
