ऑटो सेक्टर की कंपनी होंडा और निसान ने इंटिग्रेशन पर विचार करने के लिए बेसिक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर का ऐलान किया है। टोयोटा के बाद जापान की दूसरी सबसे बड़ी ऑटो कंपनी होंडा का मार्केट कैपिटल 40 अरब डॉलर से भी ज्यादा है, जबकि तीसरी रैंकिंग वाली निसान की वैल्यू तकरीबन 10 अरब डॉलर है। कंपनी का इरादा अगस्त 2026 में होल्डिंग कंपनी स्थापित करना है, जबकि जून 2025 तक इस सिलसिले में बातचीत भी पूरी हो जाएगी।
दोनों कंपनियों के शेयर जुलाई-अगस्त 2026 तक डीलिस्ट हो जाएंगे। होल्डिंग कंपनी की लिस्टिंग अगस्त 2026 में हो सकती है। ऑटो कंपनियों की तरफ से जारी संयुक्त बयान के मुताबिक, संभावित मर्जर के जरिये दोनों कंपनियों का मकसद 30 लाख करोड़ येन (191 अरब डॉलर) की बिक्री और 3 लाख करोड़ येन से ज्यादा का ऑपरेटिंग प्रॉफिट हासिल करना है।
होल्डिंग कंपनी में बहुसंख्यक सदस्यों की भर्ती होंडा करेगी। निसान के डायरेक्टर, प्रेसिडेंट और सीईओ मकोतो उचिदा ने बताया, 'यह बेहद अहम मौका है। हमने बिजनेस इंटिग्रेशन को लेकर बातचीत शुरू की है और इस बातचीत के जरिये भविष्य में नई संभावनाएं उभरेंगी। अगर यह बातचीत सफल रहती है, तो हम दोनों कंपनियों की ताकत को मिलाकर हम दुनिया भर के कस्टमर्स को शानदार ऑफर उपलब्ध करा सकते हैं, जो हमारे ब्रांड्स को पसंद करेंगे। हम एक साथ मिलकर ऐसा प्रोडक्ट बना सकते हैं, जो किसी एक कंपनी के लिए मुमकिन नहीं है।'
होंडा के डायरेक्टर और रेप्रेंजेटिटिव एग्जिक्यूटिव ऑफिसर तोशीहीरो माइब ने कहा, 'निसान और होंडा ने कई वर्षों में जो जानकारी, टैलेंट और टेक्नोलॉजी इकट्ठा की है, उन संसाधनों को इकट्ठा करना जरूरी है, ताकि ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े माहौल में हुए बदलाव से उपजी चुनौतियों से निपटा जा सके।' इन दो जापानी ब्रांड्स का इंटिग्रेशन 2021 के बाद ग्लोबल ऑटो इंडस्ट्री का सबसे बड़ा मर्जर हो सकता है, जब फिएट क्रिसलर ऑटोमोबाइल्स और PSA का मर्जर हुआ था।