केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि सरकार सभी वाहनों के लिए छह एयरबैग अनिवार्य कर रही है। गडकरी ने राज्यसभा में कांग्रेस सांसद केटीएस तुलसी के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, "इकोनॉमिक मॉडल के लिए भी छह एयरबैग अनिवार्य होंगे।"
गडकरी ने कहा, "इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का निर्माण सरकार की तरफ से तय सुरक्षा मानकों के अनुसार किया जाना चाहिए। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भारत के सुरक्षा मानक वैश्विक मानकों के अनुरूप हैं।"
गडकरी ने सदन को यह भी बताया कि भारत में हर साल पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिसके कारण लगभग 1.5 लाख लोग मारे जाते हैं।
नितिन गडकरी ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) के क्षेत्रीय अधिकारियों और प्रोजेक्ट डायरेक्टर्स से चल रही परियोजनाओं में उचित सड़क सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा था।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से जुड़े संसद सदस्यों की एक सलाहकार समिति की पहली बैठक 24 मार्च को सड़क सुरक्षा से जुड़े कई अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा के लिए हुई थी। बैठक की अध्यक्षता गडकरी ने की थी।
हाइड्रोजन कार से संसद पहुंचे गडकरी
इससे पहले केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) बुधवार को हाइड्रोजन से चलने वाली कार (Hydrogen Car) से संसद (Parliament) पहुंचे।
नितिन गडकरी, Toyota Mirai कार से संसद पहुंचे, जो देश की पहली हाइड्रोजन कार है। भारतीय सड़कों और जलवायु परिस्थितियों पर इसके असर का अध्ययन करने के लिए, एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे लॉन्च किया गया है।
गडकरी ने संसद के बाहर न्यूज एजेंसी ANI को बताया, "आत्मानबीर बनने के लिए, हमने ग्रीन हाइड्रोजन की शुरुआत की है, जो पानी से उत्पन्न होती है।" उन्होंने कहा, "अब देश में ग्रीन हाइड्रोजन का निर्माण शुरू होगा, इंपोर्ट पर अंकुश लगेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।"