ई-कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज चीनी कंपनी अलीबाबा ग्रुप (Alibaba Group) ने गुरुवार को बताया कि हालिया तिमाही में उसका प्रॉफिट 81 प्रतिशत गिर गया है। Alibaba के मुनाफे में यह भारी गिरावट ऐसे समय में आई है, जब शी जिनपिंग की अगुआई वाली चीन सरकार (Chinese Government) अपने देश के बड़ी टेक कंपनियों पर लगाम लगाने का अभियान छेड़ा हुआ है। इसके चलते चीनी टेक कंपनियों की आमदनी और मुनाफे में भारी गिरावट देखी जा रही है।
Alibaba ने बताया कि जुलाई-सितंबर तिमाही में उसका मुनाफा घटकर 5.37 अरब युआन (83.3 करोड़ डॉलर) पर आ गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 28.77 अरब युआन था।
हांगझोऊ (Hangzhou) शहर में मुख्यालय वाली अलीबाबा ने बताया कि हालांकि सितंबर तिमाही में उसकी आमदनी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह करीब 29 पर्सेंट बढ़कर 200.7 अरब रहा। पिछले वित्त वर्ष की इस तिमाही में भी कंपनी के रेवेन्यू में लगभग इतनी ही बढ़ोतरी देखी गई थी। अलीबाबा ने बताया कि उसकी आमदनी का अधिकतर हिस्सा ईकॉमर्स सेक्टर से आया।
अलीबाबा की कमाई के नतीजों पर पूरी दुनिया की इसलिए नजर थी ताकि यह अनुमान लगाया जा सके कि चीन सरकार की तरफ से बिग टेक कंपनियों पर लगाम लगाने की कार्रवाई शुरू करने का वहां की सबसे हाई-प्रोफाइल कंपनियों में से एक पर कैसा असर पड़ता है।
चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने पहले देश में डिजिटल क्रांति को आगे बढ़ाने के लिए अपने यहां कि दिग्गज टेक कंपनियों पर पर भरोसा किया था। हालांकि पिछले साल के अंत में वह अचानक इन कंपनियों को लेकर कठोर हो गई। टेक कंपनियों का तेजी से विस्तार, बाजार में मोनोपॉली (एकाधिकार) बनाने की कोशिश और डेटा सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताओं को लेकर चीन सरकार इन पर लगाम कसने में लगी हुई है।
बता दें कि अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में टेक कंपनियों को लेकर ऐसे ही सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अभी तक इन कंपनियों पर कई चीन की तरह कार्रवाई देखने या सुनने को नहीं मिली है। चीन सरकार के कोपभाजन का पहला शिकार अलीबाबा ही बनी थी।
इसकी वजह भी अलीबाबा के फाउंडर जैक मा के एक बयान को बताई जाती है। पिछले साल अक्टूबर में जैक मा (Jack Ma) ने चीन के फाइनेंशियल सिस्टम की आलोचना की थी। इसके बाद से चीन में अलीबाबा के खिलाफ एक्शन शुरू हुआ था। यहां तक खुद जैक मा इसके चलते सार्वजनिक रूप से गायब रहे थे।
अलीबाबा पिछले साल अमेरिका, हांगकांग और शंघाई के स्टॉक एक्सचेंज पर अपने आईपीओ को लिस्ट कराने की तैयारी कर रही थी। लिस्ट होने पर यह दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा IPO होता। इसे दुनिया भर के निवेशकों से काफी अच्छी प्रतिक्रिया भी मिली थी, लेकिन लिस्टिंग के ठीक दो पहले चीन सरकार ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए अलीबाबा को आईपीओ के लिए दी हुई मंजूरी वापस ले ली।
फिर इस साल अप्रैल में अलीबाबा पर कॉम्पिटीशन-विरोधी नियमों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए 2.78 डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया। उसके बाद से चीन सरकार अपने यहां कि कई बड़ी डिजिटल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है, जिससे इन कंपनियों के शेयर गिरते जा रहे हैं।