Salman Rushdie: भारतीय मूल के लेखक सलमान रुश्दी पर न्यूयॉर्क में चाकू से हमला, सालों से कट्टरपंथियों के निशाने पर थे

बुकर पुरस्कार विजेता और भारतीय मूल के लेखक सलमान रुश्दी (Salman Rushdie) पर शुक्रवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क में हमला किया गया

अपडेटेड Aug 12, 2022 पर 9:56 PM
भारतीय मूल के लेखक सलमान रुश्दी पर न्यूयॉर्क में हमला (फोटो-AP)

बुकर पुरस्कार विजेता और भारतीय मूल के लेखक सलमान रुश्दी (Salman Rushdie) पर शुक्रवार को अमेरिका के न्यूयॉर्क में हमला किया गया। हमले के वक्त वह एक कॉलेज में लेक्चर देने जा रहे थे। बता दें कि सलमान रुश्दी की कुछ किताबों को मुस्लिम जगत में काफी आलोचनाओं को शिकार झेलना पड़ा है और साल 1980 में ईरान के सुप्रीम लीडर ने उनके खिलाफ फतवा भी जारी किया था।

न्यूज एजेंसी एपी की खबर के मुताबिक, सलमान रुश्दी पश्चिमी न्यूयॉर्क में स्थित चौटौक्वा इंस्टीट्यूशन (Chautauqua Institution) में लेक्चर देने गए थे। रुश्दी स्टेज पर चढ़कर अपना लेक्चर शुरू करने ही वाले थे कि तभी एक शख्स ने हाथ में चाकू लेकर स्टेज पर चढ़ा और उनपर हमला कर दिया। शख्स ने रुश्दी पर चाकू से वार किया या सिर्फ घूसों से उन पर हमला किया, अभी यह स्पष्च नहीं किया जा सका है। अचानक हुए इस हमले से सलमान रुश्दी जमीन पर गिर गए। हमला करने वाले शख्स को सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत नियंत्रित कर लिया और उसे हिरासत में ले लिया गया है।

सलमान रुश्दी की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर तुरंत जानकारी नहीं मिली है।


कौन हैं सलमान रुश्दी

ब्रिटिश-भारतीय मूल के सलमान रुश्दी अंग्रेजी भाषा के जाने-माने उपान्यसकार हैं। साल 1981 में उनकी लिखी दूसरी नॉवेल 'मिडनाइट्स चिल्ड्रन' ने काफी सुर्खियां बटोरी थी और उन्हें उस साल साहित्य के जगत में प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। सलमान रुश्दी के अधिकतर नॉवेल भारतीय उप-महाद्वीप पर आधारित रहे हैं।

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साल 1988 में आई उनकी नॉवेल 'सेटेनिक वर्सेज' काफी विवादों में रही थी और मुस्लिम समुदाय में इसका काफी विरोध हुआ था। कुछ देशों में तो हिसंक प्रदर्शन भी हुए थे और रुश्दी को मौत की धमकियां भी मिली थी। ईरान के तत्कालिक सुप्रीम लीडर अयातुल्ला रूहोल्लाह खोमैनी ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया था, जिसके बाद उन्हें करीब 10 सालों तक भूमिगत होकर रहना पड़ा था।

10 सालों तक रहना पड़ा था अंडरग्राउंड

हत्या की लगातार मिलती धमकियों के बीच वह इन 10 सालों के दौरान कभी-कभी भी सार्वजनिक रूप से प्रकट होते थे। सलमान रुश्दी का नवीनतम उपन्यास 'द एन्चेंट्रेस ऑफ फ्लॉरेंस' है, जो जून 2008 में प्रकाशित हुआ।

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नाइटहुड सम्मान मिलने पर अलकायदा ने जताई थी नाराजगी

सलमान रुश्दी का साहित्य में उनके योगदान के लिए ब्रिटेन की सरकार 2007 में नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित कर चुकी है। रुश्दी को नाइटहुड मिलने के बाद आतंकवादी संगठन अलकायदा के नेता अल जवाहिरी ने एक टेप जारी कर इसे 'इस्लाम का अपमान' बताया था। साल 2008 में फ्रांस सरकार भी उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मान 'Ordre des Arts et des Lettres' से सम्मानित किया था।

मुंबई में हुई है शुरुआती पढ़ाई

सलमान रुश्दी का जन्म साल 2017 में मुंबई के एक कश्मीरी मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई लिखाई मुंबई से ही हुई है। बाद में वह इंग्लैंड चले गए, जहां किंग्स कॉलेस से ग्रेजुएशन किया था। सलमान रुश्दी का परिवार आजादी के कुछ साल बाद मुंबई से पाकिस्तान चला गया था। रुश्दी ग्रैजुएशन के बाद कुछ सालों के पाकिस्तान में रहे, लेकिन फिर वह ब्रिटेन लौट गए। सलमान रुश्दी साल 2000 से अमेरिका में रह रहे हैं।

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