बांग्लादेश में एक और इस्कॉन मंदिर पर हमला, पेट्रोल डालकर मूर्तियों में लगाई आग, मोहम्मद यूनुस सरकार हुई फेल

Bangladesh: भारत और बांग्लादेश के बीच कभी प्रगाढ़ दोस्ती हुआ करती थी। लेकिन आज के हालात बदले हुए हैं। देश में हिंदुओं पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है। मंदिर तोड़े जा रहे हैं। हत्याएं हो रही हैं। इस बीच इस्कॉन मंदिर में फिर से हमला किया गया है। कहा जा रहा है कि मूर्तियों में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई है

अपडेटेड Dec 08, 2024 पर 10:57 AM
Bangladesh: बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

बांग्लादेश में हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। ढाका में सुबह उपद्रवियों ने इस्कॉन मंदिर में आग लगा दी। ढाका के तुराग थाना क्षेत्र में स्थित इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (इस्कॉन) के नमहट्टा मंदिर में आग लगाने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अराजक तत्वों ने मंदिर में तोडफ़ोड़ की। मूर्तियों में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। हालांकि इस घटना में अभी तक किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। यह घटना देश में हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर किया गया एक और हमला है।

इस मामले में कोलकाता इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स इसकी फोटो शेयर की है। उनके मुताबिक मंदिर में रखे देवी-देवताओं की मूर्तियां और अन्य सामान पूरी तरह जल गए हैं। यह मंदिर ढाका के तुराग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। दास ने बताया कि मंदिर के पीछे टीन की छत है, जिसे उखाड़ दिया गया। इसके बाद पेट्रोल का इस्तेमाल कर इसे आग के हवाले कर दिया गया।

कट्टरपंथियों के आगे फेल हुई अंतरिम सरकार


दास ने आरोप लगाया कि उपद्रवियों ने मंदिर में आग लगाने के लिए पेट्रोल या ऑक्टेन का इस्तेमाल किया। चश्मदीदों के मुताबिक अराजक तत्वों के एक समूह ने मंदिर परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की थी। वहीं उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश में मंदिरों पर हमले जारी है। इस्कॉन ने पुलिस-प्रशासन में शिकायत भी की। इसके बावजूद उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार कुछ भी नहीं कर रही है। दास ने उपद्रवियों को जल्द ही गिरफ्तार करने की मांग की है। बता दें कि बांग्लादेश में शेख हसीना के सत्ता से जाने के बाद लगातार हिंदुओं के खिलाफ हमले देखे जा रहे हैं। इसे लेकर हिंदू संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं।

चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा तनाव

पिछले दिनों हिंदुओं पर लगातार हमलों और खासकर हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव आ गया है। चिन्मय कृष्ण दास इस्कॉन बांग्लादेश के पूर्व सदस्य हैं। अब बांग्लादेश सम्मिलिता सनातनी जागरण जोत संगठन के प्रवक्ता हैं। इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष ने भी चिन्मय कृष्ण दास की जमानत खारिज होने और हिंसक हमलों के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

अमेरिका में दो दिन होंगी रैलियां

वहीं बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की आग अमेरिका तक भी पहुंच गई हैं। हिंदू एक्शन की ओर से रविवार को शिकागो में ‘नरसंहार रोकें: बांग्लादेश में हिंदुओं की जान बचाएं’ मार्च का आयोजन किया जाएगा। इसके एक दिन बाद सोमवार को हाइट हाउस के पास हिंसा के विरोध में मार्च किया जाएगा। हिंदू एक्शन के कार्यकारी निदेशक उत्सव चक्रवर्ती ने कहा कि बांग्लादेश में स्थिति सिर्फ क्षेत्रीय संकट नहीं है। यह मानवीय आपदा है। उन्होंने अमरीकी सरकार से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

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