US-Iran Peace Talks: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों के बाद स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक में चल रही अमेरिका-ईरान वार्ता फिलहाल खत्म हो गई है। इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के तहत उच्च-स्तरीय बातचीत का पहला दौर 22 जून को खत्म हुआ। इस चर्चा में ईरान, अमेरिका और मध्यस्थता करने वाले देशों कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस बातचीत के दौरान का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है। यूजर्स इसे अमेरिका की बेइज्जती बता रहे हैं।
वायरल वीडियो में एक ही कमरे में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलकात और गले मिलते हुए दिखाई दे रहे हैं। लेकिन वहीं पहले से मौजूद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अमेरिकी दल से हाथ मिलाने एवं फोटोऑप से मना कर बाहर चले गए। इस दौरान वैंस बस देखते रह गए। वह काफी मायूस दिखाई दिए। इस दौरान शहबाज शरीफ भी ईरानी दल की हरकत से असहज दिखाई दिए।
पाकिस्तान इस बात पर खुश हो सकता है कि, उसने इतने बड़े युद्ध में शांति बहाल की कोशिशें की। लेकिन अमेरिकी प्रभुत्व के लिए यह बातचीत काफी अपमानजनक वाला था। अमेरिकी यूजर्स का कहना है कि ईरान ने अमेरिका को अपमानित करने का जरिया पाकिस्तान को बना रखा है।
यह वीडियो इसलिए और वायरल हो रहा है क्योंकि जेडी वेंस और अरागची अमेरिका-ईरान के बीच अहम शांति वार्ता के दौरान एक ही कमरे में मौजूद थे। लेकिन उनके बीच कोई सार्वजनिक बातचीत नहीं हुई। समिट के वायरल फुटेज में अरागची को शरीफ का अभिवादन करते और उन्हें गले लगाते हुए देखा गया। जबकि वेंस अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ दूर ही खड़े रहे।
ईरान वार्ता में बढ़ी जेडी वेंस की भूमिका
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संवेदनशील एवं अत्यंत महत्वपूर्ण कूटनीति का मुख्य चेहरा बनकर उभरे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच चल रही इस उच्च स्तरीय वार्ता की कमान संभाली है, जो मध्य पूर्व के समीकरणों को एक नया आकार दे सकती है। इसके साथ ही वेंस इस शांति समझौते से जुड़े उन बड़े राजनीतिक जोखिमों का भी सामना कर रहे हैं, जिसकी अमेरिका के रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ही दलों के राजनेता कड़ी आलोचना कर रहे हैं।
स्विट्जरलैंड में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हो रहे इस वार्तालाप को ट्रंप प्रशासन तेहरान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को एक नया मोड़ देने के इस प्रयास को एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में देख रहा है। पिछले हफ्ते ईरान के साथ ट्रंप के समझौता ज्ञापन की घोषणा के बाद से उपराष्ट्रपति की भूमिका काफी बढ़ गई है। जबकि विदेश सचिव मार्को रुबियो समेत सरकार के शीर्ष नेतृत्व के ज्यादातर लोगों की नजरों से दूर रहे हैं। वेंस सरकार के प्रमुख मैसेंजर और नेगोशिएटर बन गए हैं।
उनकी अहमियत को खुद ट्रंप ने हाईलाइट किया था। आलोचना के बावजूद, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि बातचीत एक बड़ी डिप्लोमैटिक कामयाबी है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि यह बातचीत एक ऐसा कदम है जो कोई दूसरी सरकार कभी नहीं कर पाई क्योंकि इसमें ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधा संपर्क हो रहा है।