ब्राजील की संसद और सुप्रीम कोर्ट में घुसे पूर्व राष्ट्रपति के सैकड़ों समर्थक, जमकर मचाया उत्पात, US ने जताई नाराजगी

Brazil: ब्राजील में अक्टूबर महीने में चुनाव हुए थे। इन चुनावों में बोलसोनारो को हार का सामना करना पड़ा था। इसमें लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा की अगुवाई में वामपंथी पार्टी ने जीत हासिल की थी। सिल्वा तीसरी बार ब्राजील के राष्ट्रपति बने हैं। बोलसोनारों के समर्थक देशभर में सैन्य बैरक के बाहर इकट्ठा हुए और चुनाव नतीजे को मानने से इनकार कर दिया

अपडेटेड Jan 09, 2023 पर 9:19 AM
डी सिल्वा के शपथ ग्रहण के दौरान बोलसानारों के समर्थकों ने संसद भवन में घुसकर स्पीकर की कुर्सी पर चढ़ गए

Brazil: ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के समर्थकों ने राजधानी ब्रासीलिया में जमकर हंगामा किया। पिछले हफ्ते लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के विरोध में प्रदर्शनकारी हंगामा कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए कांग्रेस (संसद भवन), राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट में घुस गए। पुलिस ने सरकारी इमारतों में घुसे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया में आई तस्वीरों और वीडियो के मुताबिक, हरा औप पीला झंडा लिए भीड़ राजधानी ब्रासीलिया स्थिति संसद भवन में दाखिल हुई। भीड़ में बहुत से लोग सदन में अध्यक्ष की कुर्सी पर चढ़ गए।

बता दें कि ब्राजील में अक्टूबर में चुनाव हुए थे। इन चुनावों में बोलसोनारो को हार मिली थी। लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के नेतृत्व में वामपंथी पार्टी ने जीत हासिल थी। लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने तीसरी बार ब्राजील के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। इसके बाद बोलसोनारो के समर्थकों ने चुनाव नतीजे मानने से इंकार कर दिया।

संसद भवन में घुसे प्रदर्शनकारी


बोलसोनारो के समर्थक सड़कों पर इकट्ठा हो गए और ससंद में दाखिल हुए। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शख्स स्पीकर की कुर्सी के पास जाकर माइक तोड़ने की कोशिश कर रहा है। वहीं जब पुलिस ने भीड़ को काबू करने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने उन पर भी हमला कर दिया। इसके बाद सांसदों के कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई। पुलिस उन्हें रोकने में नाकाम साबित हुई। पुलिस ने एक सुरक्षा घेरा बनाया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसके बाद पुलिस ने सरकारी इमारतों को खाली कराया। वहीं पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया है।

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राष्ट्रपति ने दी चेतावनी

इस घटना को लेकर ब्राजील के मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने कड़ी आपत्ति जताई है। राष्ट्रपति सिल्वा ने साफ शब्दों में कहा है कि प्रदर्शनकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं ब्राजील में हुए हंगामे ने दुनियाभर को एक बार फिर कैपिटल हिल की याद दिला दी है।

अमेरिका ने की निंदा

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने ब्राजील के राष्ट्रपति भवन, सदन और सुप्रीम कोर्ट पर हमले की निंदा की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमला करने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करना स्वीकार नहीं किया जा सकता है। वहीं राष्ट्रपति बाइडन ने ट्वीट कर कहा है कि मैं ब्राजील में लोकतंत्र पर और सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण पर हमले की निंदा करता हूं। ब्राजील के लोकतांत्रिक संस्थानों को हमारा पूरा समर्थन है। ब्राजील के लोगों की इच्छा को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।

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