BRICS 2023: इस साल 15वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन अगस्त के अंत में दक्षिण अफ्रीका के डरबन (South Africa Durban) में होगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दुनिया के 19 देशों ने सदस्यता (BRICS Membership) के लिए आवेदन किया है। अफ्रीका के राजदूत अनिल सूकलाल ने सोमवार को एक इंटरव्यू में यह जानकारी दी। इससे पहले ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) का 14वां शिखर सम्मेलन पिछले साल जून में बीजिंग में डिजिटल माध्यम से आयोजित किया गया था।
अनिल सूकलाल ने कहा कि ब्रिक्स के विस्तार और यह विस्तार कैसे होगा इसके तौर-तरीकों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि दुनिया के 13 देशों ने औपचारिक रूप से शामिल होने के लिए कहा है और अन्य छह ने अनौपचारिक रूप से आवेदन किया है। हमें हर दिन ज्वाइनिंग के लिए आवेदन मिल रहे हैं।
चीन ने विस्तार के बारे में बातचीत पिछले साल ब्रिक्स की अध्यक्षता में शुरू की थी, क्योंकि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था संयुक्त राष्ट्र में विकसित देशों के प्रभुत्व का मुकाबला करने के लिए कूटनीतिक ताकत बनाने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, प्रस्तावित विस्तार ने अन्य सदस्यों के बीच चिंता पैदा कर दी है कि उनका प्रभाव कम हो जाएगा। एशिया और ब्रिक्स मामलों के लिए दक्षिण अफ्रीका के विशेष दूत सुकराल ने 8 अप्रैल को चाइना मीडिया ग्रुप के रिपोर्टर को बताया था कि सभी सदस्य देशों के नेता शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
सुकराल ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा का आमंत्रण मिला है। अब तक पुतिन ने मना करने का कोई इरादा नहीं दिया। बता दें कि जून 2009 में BRIC नेताओं ने रूस में अपनी पहली बैठक आयोजित की थी।
इस बीच, ब्राजील की पूर्व राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ निर्विरोध रूप से न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की नई प्रमुख चुनी गई हैं। डीएनबी ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) द्वारा स्थापित एक बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान है, जिसे ब्रिक्स बैंक के नाम से भी जाना जाता है।
ब्रिक्स में कुल पांच देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साऊथ अफ्रीका शामिल हैं। इन सभी देशों के नाम के पहले अक्षर से BRICS बना है। ये समिट हर साल आयोजित होता है जिसमें इन पांचों देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होते हैं। भारत भी इस समिट की मेजबानी कर चुका है। ब्रिक्स काफी मजबूत संगठन है जिसमें दुनिया के तीन बड़े देश चीन, भारत और रूस शामिल हैं। हालांकि, इसमें कोई भी पश्चिमी देश शामिल नहीं है।