अमेरिका-ईरान जंग के बीच बड़ा उलटफेर! ट्रंप ने रोकी मिसाइलें, सऊदी-पाक के एंट्री करते ही बातचीत की टेबल पर आए दोनों देश

US Iran Peace Talks Trump: ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि सोमवार दोपहर से अमेरिका और ईरान के बीच सीधे मोर्चे पर बातचीत शुरू हो रही है। इस वार्ता के मुख्य एजेंडे में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम का निशस्त्रीकरण शामिल है

अपडेटेड Aug 03, 2026 पर 11:54 AM
ईरान, सऊदी अरब और पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व ने सैन्य टकराव रोकने पर सहमति जताई है

US-Iran West Asia Diplomacy: मिडिल ईस्ट में गहराते भीषण सैन्य संकट के बीच कूटनीतिक हल निकालने की कोशिशें अचानक तेज हो गई हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री और पाकिस्तान के सेना प्रमुख के साथ बैक-टू-बैक हाई-लेवल टेलीफोनिक बातचीत की है।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका ने ईरान पर होने वाले अपने 'द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले' को फिलहाल रोक दिया है और दोनों देश बातचीत की मेज पर आने के लिए तैयार हो गए हैं।

24 घंटे में सऊदी से दूसरी बातचीत, पाक आर्मी चीफ से भी संपर्क


क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए ईरान ने अपने पड़ोसी और क्षेत्रीय देशों के साथ कूटनीतिक तालमेल बढ़ाया है। ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से 24 घंटे के भीतर दूसरी बार फोन पर लंबी चर्चा की। अराघची ने पाकिस्तान सेना के फील्ड मार्शल असीम मुनीर से भी बात की।

ईरान, सऊदी अरब और पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व ने इस बात पर सहमति जताई कि सैन्य टकराव को रोकने के लिए क्षेत्रीय सहयोग और राजनीतिक समाधान ही एकमात्र रास्ता है।

ट्रंप ने क्यों टाला ईरान पर 'सबसे बड़ा हमला'?

एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलासा किया कि अमेरिका ईरान पर एक बहुत बड़ा सैन्य हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार था, लेकिन गल्फ सहयोगियों के अनुरोध के बाद इसे टाल दिया गया। ट्रंप ने बताया कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS), संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर ने अमेरिका से हमला रोकने और कूटनीति को एक और मौका देने की अपील की थी।

ट्रंप ने कहा, 'हम जाने के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन हमारे सहयोगियों को लगता है कि एक डील हो सकती है। मैं लोगों को मारना नहीं चाहता, अगर बातचीत से रास्ता निकलता है तो वह बेहतर है।'

आज से शुरू होगी अमेरिका-ईरान की ऐतिहासिक वार्ता

ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि सोमवार दोपहर से अमेरिका और ईरान के बीच सीधे मोर्चे पर बातचीत शुरू हो रही है। इस वार्ता के मुख्य एजेंडे में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम का निशस्त्रीकरण शामिल है। ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने बातचीत के लिए कोई समय-सीमा तय की है, तो उन्होंने कहा कि कोई डेडलाइन नहीं है और वे देखेंगे कि वार्ता किस दिशा में जाती है।

पहले की चेतावनी और पाकिस्तान में हुई गुप्त वार्ता

इससे पहले 7 अप्रैल को ट्रम्प ने ईरान को शांति वार्ता में शामिल न होने पर 'पूरी सभ्यता तबाह करने' की चेतावनी दी थी। इसके बाद पाकिस्तान में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में दुर्लभ आमने-सामने की बैठकें भी हुई थीं, हालांकि वे बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई थीं।

लेकिन अब, होर्मुज में तेल टैंकरों पर हुए हालिया हमलों और वैश्विक ऊर्जा संकट के बढ़ते खतरे के बीच, दोनों देशों का फिर से बातचीत की मेज पर आना अंतरराष्ट्रीय बाजार और वैश्विक शांति के लिए एक बेहद बड़ी राहत की खबर माना जा रहा है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।