China Earthquake: चीन में देर रात भूकंप के झटकों से धरती कांप उठी। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई। इन झटकों की वजह से कम से कम 110 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 232 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। ये भूकंप के झटके चीन के गांसु -किंघाई बॉर्डर क्षेत्र (Gansu-Qinghai border region) में आए हैं। गांसु और किंघाई चीन के प्रांत हैं। चीन के शिन्हुआ न्यूज एजेंसी (Xinhua News Agency) के अनुसार, चीन के गांसु प्रांत में सोमवार देर शाम आए भूकंप के बाद स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों सहित बचाव कर्मियों की तैनाती की गई है।
वहीं इससे पहले पाकिस्तान में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। शिन्हुआ समाचार एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक, भूकंप में गांसु प्रांत में 100 लोगों की और पड़ोसी प्रांत किंघई में 11 लोगों की मौत हो गई। भूकंप के झटके महसूस करने के तुरंत बाद लोग डरकर घरों से बाहर निकल आए और सड़कों पर भागने लगे।
गांसू और किंघाई प्रांत में इमारतें जमींदोज
मिली जानकारी के मुताबिक, भूकंप के से सबसे ज्यादा नुकसान काउंटी, डियाओजी और किंघई प्रांत में हुआ है। भूकंप की वजह से कई इमारतें गिर गईं हैं। लोग मलबे में दब गए हैं। चीनी सरकार ने स्थानीय आपातकालीन कर्मियों की सहायता के लिए बचावकर्मियों की टीमें भेजी हैं। चीनी अधिकारियों का कहना है कि भूंकप के कारण काफी नुकसान हुआ है। पानी और बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। परिवहन और संचार बुनियादी ढांचों को भयंकर नुकसान हुआ है। USGS के अनुसार भूकंप सोमवार को स्थानीय समयानुसार रात 11:59 बजे 10 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिसने शुरुआत में 6.2 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए। भूकंप किंघई के साथ प्रांतीय सीमा से लगभग 5 किलोमीटर (3 मील) दूर गांसु के जिशिशान काउंटी में आया।
राष्ट्रपति ने दिए निर्देश
चीनी मीडिया के मुताबिक, राहत और बचाव कार्य जारी है। टेंट, फोल्डिंग बेड और रजाइयां मौके पर पहुंचाई जा रही है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है, जहां उनका इलाज जारी है। चीन में भूकंप असामान्य नहीं हैं। इससे पहले अगस्त में पूर्वी चीन में 5.4 तीव्रता का हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। जिसमें 23 लोग घायल हो गए थे और दर्जनों इमारतें ढह गईं थी।
खोजी कुत्ते भी रेस्क्यू में उतारे गए
चीन में भूकंप के बाद हुई तबाही को देखते हुए गांसु और किनघई के लिए अग्निशमन और बचाव विभाग ने 88 दमकल गाड़ियों के साथ 12 खोजी कुत्तों को भी प्रभावित इलाकों में भेजा गया है। इसके साथ ही 10,000 से अधिक उपकरणों के साथ 580 बचावकर्मियों को आपदा क्षेत्र में बाचव और राहत के लिए तैनात किया गया है। ताकि जल्दी से जल्दी मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा सके। राष्ट्रपति जिनपिंग ने घायलों का फौरन इलाज कराने के आदेश दिए हैं। बुनियादी ढांचे को जो भी नुकसान हुआ है, उसे तुरंत दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं।
धरती के ऊपरी सतह सात टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बनी हैं। जहां भी ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं। वहां भूकंप का खतरा पैदा हो जाता है। भूकंप तब आता है, जब ये प्लेट्स एक-दूसरे के क्षेत्र में घुसने की कोशिश करती हैं। ऐसे में जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं, एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर होती हैं। तब ऐसी स्थिति में जमीन हिलने लगती है। इसे ही भूकंप कहा जाता है। इसके अलावा उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। इस स्केल पर 2.0 या 3.0 की तीव्रता का भूकंप हल्का होता है, जबकि 6 की तीव्रता का मतलब शक्तिशाली भूकंप होता है।